17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सात चरणों में बनेगा मुंबई मेट्रो-3

कुलाबा से सीप्झ वाया बांद्रा, प्रस्तावित मेट्रो-3 का निर्माण सात चरणों में किया जाएगा

2 min read
Google source verification

image

Bhup Singh

May 13, 2015

Mumbai Metro-3

Mumbai Metro-3

मुंबई। बहुप्रतीक्षित मुंबई मेट्रो-3
की कार्य योजना अब धीरे-धीरे ओ बढ़ने लगी है। कुलाबा से सीप्झ वाया बांद्रा,
प्रस्तावित मेट्रो-3 का निर्माण सात चरणों में किया जाएगा। 33.5 किमी. लंबी इस
परियोजना के अमल में आने से मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था को भारी राहत मिलने की
संभावना है। दिन प्रतिदिन बढ़ती मुंबई की ट्रैफिक समस्या से निजात पाने के लिए इसे
एक महत्वपूर्ण प्रकल्प के रूप में देखा जा रहा है। मेट्रो-3 के निर्माण के लिए 9
देशी-विदेशी कंपनियों ने सात चरणों के लिए कुल 31 निविदाएं प्रस्तुत की हैं।
कंपनियों के इस रूचि से मेट्रो-3 परियोजना के महत्व को समझा जा सकता है। मुंबई
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा 7 चरण के लिए चार-चार और बाकी चरणों के लिए 5, 7 और 3
निविदाएं आई हैं।

ये हैं कंपनियां
निविदा भरने वाली कंपनियों में मे.
अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लि. किवमेट्रोबड़, मे. कॉन्टिनेंटल इंजीनियरिंग
कॉर्पोरेशन/आईटीडी स्मेशन इंडिया लि./टाटा प्रोजेक्ट लि., मे.डॉगस/सोमा, मे. आइएल
एंड एफएस इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कं. लि./चायना रेलवे 25वीं ब्यूरो ग्रुप कं.
लि., मे.जे.कुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लि./चायना रेलवे नं.-3 इंजीनियरिंग कं. लि.,
मे. लॉर्सन टुब्रो लि./शंघाई टनेल इंजीनियरिंग कं.लि./मे. ओएसजेसी मास्को
मेट्रोस्टोरी/हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कं. लि., मे. प्रतिभा इंडस्ट्री लि. /गुआडोग
युआनतिअन इंजीनियरिंग कं. तथा मे. यूनिटी इंफ्राप्रोजेक्ट्स लि./आईवीआरसीएल
लि./चायना रेलवे टनेल ग्रुप कं. लि. का समावेश है।

रेल दुर्घटनाओं में आएगी
कमी

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की व्यवस्थापकीय संचालिका अश्विनी भिड़े के
अनुसार, देशी-विदेशी कंपनियों द्वारा मेट्रो-3 की परियोजना में दिखाया प्रतिसाद
प्रोत्साहित करने वाला है। इससे राज्य सरकार और प्रोजेक्ट निर्माता संस्थाओं पर
विश्वास झलकता है। मेट्रो-3 प्रकल्प के अस्तित्व में आने से उपनगरीय लोकल की भी
निश्चित रूप से कम होगी, जिससे रेल दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की जान बचेगी।


मुंबईकरों को मिलेगा अनोखा अनुभव
मेट्रो-3 का अधिकांश रास्ता सुरंगों
से होकर गुजरेगा, जिसको बनाने के लिए नई ऑस्ट्रेलियन तकनीक का इस्तेमाल होगा।
मुंबईकरों के लिए मेट्रो-3 का सफर रोमांच से कम नहीं होगा। सुरंग के भीतर मेट्रो से
चलने का अनोखा अनुभव लोगों को मिलेगा। बहरहाल, इसके प्रथम चरण में जिस तरह से
कंपनियों ने उत्साह दिखाया है, उससे उममीद की जा सकती है कि मेट्रो-3 विश्व में अलग
आकर्षण पैदा करेगी।


कुछ इस तरह हैं चरण
- पहला स्टेशन: कफ परेड,
विधान भवन, चर्चगेट, हुतात्मा चौक (नई ऑस्ट्रेलियन टनेलिंग पद्धति)।
- दूसरा
स्टेशन : सीएसटी मेट्रो, कालबादेवी, गिरगांव व ग्रांट रोड।
- तीसरा स्टेशन :
सेंट्रल मेट्रो, महालक्ष्मी, साइंस म्मयूजियम, वरली व आचार्य अत्रे चौक।
- चौथा
स्टेशन : सिद्धिविनायक, दादर, शीतला देवी।
- पांचवा स्टेशन : धारावी, बीकेसी,
विद्यानगरी, सांताक्रूज।
- छठा स्टेशन : डॉमेस्टिक एयरपोर्ट, सहार एयरपोर्ट,
इंटरनेशनल एयरपोर्ट।
- सातवां स्टेशन : मरोल नाका, एमआईडीसी, सीप्झ व आरे आगार।

(जानकारी- प्रत्येक चरण में 4 से 5 किमी. लंबी बनेगी दोहरी सुरंग।)

ये भी पढ़ें

image