
मुंबई लोकल ट्रेन संडे मेगाब्लॉक का शेड्यूल
मुंबई लोकल ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रिओं के लिए एक गुड न्यूज़ है। कोरोना महामारी से पहले मुंबई की लोकल ट्रेनों में रोजाना करीब 80 लाख यात्री सफर करते थे। कोरोना प्रतिबंध हटाए करीब 6 महीने हो गए हैं, लेकिन लोकल में पहले के मुकाबले करीब 20 लाख यात्री कम हुए हैं। इसका असर पीक ऑवर्स और नॉन पीक ऑवर्स में साफ नजर आता है। सेंट्रल रेलवे की मेन लाइन, हार्बर लाइन और ट्रांस हार्बर लाइन को मिलाकर अब रोजाना करीब 32.5 लाख यात्री ही लोकल ट्रेनों में सफर कर रहे हैं।
वहीं, कोरोना काल से पहले लोकल में यात्रा करने वालो की संख्या लगभग 45 लाख थी। सेंट्रल रेलवे पर करीब 12.5 लाख यात्री कम हुए हैं। वहीं, वेस्टर्न रेलवे पर कोरोना से पहले करीब रोजाना 34.87 लाख यात्री सफर कर रहे थे, जबकि अब यह संख्या घटकर करीब 27.24 लाख हो गई हैं। वेस्टर्न रेलवे पर भी करीब 6.5 लाख यात्री घटे हैं, यह संख्या सेंट्रल रेलवे की गिरावट से आधी है। यह भी पढ़ें: Mumbai News: अब हाजी अली दरगाह पर लहराएगा तिरंगा, लगेगा दुनिया का सबसे ऊंचा पोल; पीएम मोदी को भेजा जाएगा न्योता
बता दें कि पिछले दो साल में रेलवे ने एसी लोकल समेत ट्रेनों की भी संख्या में बढ़ोतरी की है। कोरोना काल में सेंट्रल रेलवे पर रोजाना 1774 लोकल चलाई जाती थीं, जो अब बढ़कर 1810 हो चुकी हैं। इसी प्रकार, वेस्टर्न रेलवे पर 1367 से बढ़कर अब लोकल की संख्या 1375 हो चुकी है। कोरोना से पहले सेंट्रल रेलवे की एक लोकल में औसतन 2536 यात्री चला करते थे, यह औसत घटकर अब 1795 यात्री प्रति लोकल का हो गया है। वहीं, वेस्टर्न रेलवे पर प्रति सर्विस औसतन 2550 यात्री चला करते थे, जिनकी संख्या घटकर अब 1981 रह गई है।
लॉकडाउन के दौरान अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए रेलवे ने 15 जून 2020 से लोकल ट्रेनें शुरू की थीं। शुरुआत में प्रतिदिन सिर्फ 30 हजार लोग यात्रा कर रहे थे। नवंबर 2020 में महिला यात्रियों को समय की शर्तों के साथ यात्रा करने की इजाजत दी गई थी, जिसके बाद यात्रियों की संख्या करीब 9-10 लाख पहुंच गई थी। इसके बाद 29 जनवरी 2021 तक यात्रियों की संख्या 19 लाख पहुंच गई।
वहीं, 1 फरवरी से आम लोगों को समय की शर्तों के साथ इजाजत मिलने के बाद रोजाना करीब 36 लाख यात्री सफर करने लगे। अप्रैल 2021 में लॉकडाउन के बाद यात्रियों की संख्या घटकर 15-16 लाख तक पहुंच गई थी। दो डोज लेने वालों को इजाजत मिलने के बाद फरवरी 2021 में दोबारा पहले जैसी स्थिति हो गई है।
पिछले साल नवरात्र के बाद दो डोज ले चुके यात्रियों की संख्या 30 लाख से अधिक हो गई। पिछले साल 30 अक्टूबर तक मुंबई में रोजाना लगभग 50 लाख यात्री आधिकारिक तौर पर यात्रा करने लगे। इसके बाद सिंगल टिकट मिलने के बाद यात्रियों की संख्या लगभग 55 लाख हो गई। इस साल फरवरी में शर्तें हटने के बाद धीरे-धीरे यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन यह संख्या 60 लाख तक ही पहुंच सकी है।
Published on:
08 Sept 2022 03:45 pm
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