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Mumbai News : स्वराज का नारा देने वाले तिलक को भूल गई सरकार

गिरगांव चौपाटी पर लोकमान्य तिलक स्वराज्य भूमि स्मारक समिति की ओर से समाधि स्थल पर आयोजित लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के जयंती समारोह में राज्य सरकार, मनपा का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ लोकमान्य तिलक स्वराज्य भूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष प्रकाश सिलम ने कहा कि जिस तिलक से पंचम जार्ज मिलने को लालायित था उनके समाधि स्थल पर सरकार के मंत्री आने से कतराते हैं  

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मुंबई

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Binod Pandey

Jul 25, 2019

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Mumbai News : स्वराज का नारा देने वाले तिलक को भूल गई सरकार

मुंबई. स्वतंत्रता की लड़ाई के समय स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा का नारा देकर भारतीयों को प्रेरित करने वाले लोकमान्य गंगाधर तिलक के समाधि स्थल को सरकार भूल चुकी है। गिरगांव चौपाटी पर लोकमान्य तिलक स्वराज्य भूमि स्मारक समिति की ओर से समाधि स्थल पर आयोजित लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के जयंती समारोह में राज्य सरकार, मनपा का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। आमंत्रण के बावजूद क्षेत्र की नगरसेविका व विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा भी उपस्थित नहीं रहे। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी कार्यक्रम में शामिल होकर तिलक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किया।

इस अवसर पर जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने पूर्ण स्वराज के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में लोकमान्य तिलक का अनुकरण पूरा देश कर रहा था। तिलक के नेतृत्व में विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार हुआ, वे पूर्ण स्वराज के पक्षधर थे। तिलक ने जनमानस को जोडऩे के लिए गणेशोत्सव की शुरुआत की जो आज महाराष्ट्र का सांस्कृतिक पर्व है। युवाओं को तिलक के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

राजघाट की तरह पहचान मिलें

लोकमान्य तिलक स्वराज्य भूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष प्रकाश सिलम ने कहा कि जिस तिलक से पंचम जार्ज मिलने को लालायित था उनके समाधि स्थल पर सरकार के मंत्री आने से कतराते हैं। उन्होंने कहा कि स्वराज्य भूमि स्मारक समिति लम्बे अर्से से समाधि स्थल को राजघाट की तर्ज पर पहचान देने को प्रयासरत है। 1920 में तिलक के निधन के बाद गिरगांव चौपाटी पर अंतिम संस्कार किया गया था। 1925 में ब्रिटिश सरकार की मनपा ने तिलक के समाधि स्थल पर पुतला लगाने की अनुमति इस शर्त पर दी थी की कोई नामकरण नहीं होगा फिर 1933 में यहां पर बाल गंगाधर तिलक का पुतला लगाया गया।

आठ वर्षों से किसी ने नहीं की परवाह

लोकमान्य तिलक स्वराज्य भूमि स्मारक समिति 2007 में मनपा से मांग किया कि समाधि स्थल को स्वराज्य भूमि दिया जाये, इसे मनपा ने 2011 में पारित भी कर दिया। 8 वर्षों से मनपा और सरकार के पास समय नहीं मिला कि वे तिलक की समाधि स्थल का विधिवत नामकरण समारोह आयोजित कर सकें। लोकमान्य तिलक स्वराज्य भूमि स्मारक समिति की मांग किया है कि तिलक को सही सम्मान देने के लिए स्वराज्य भूमि का विधिवत लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी के हाथों होना चाहिए। पूर्व लोकसभा व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तिलक के समाधि स्थल स्वराज्य भूमि के लोकार्पण पर समय देने की मांग की है।