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Mumbai News Live : मुस्लिम समाज हिन्दुओं की आस्था का सम्मान करें : विश्व हिन्दू परिषद

विश्व हिन्दू परिषद ( V.H.P.) के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि मुसलमानों को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) फैसले को स्वीकार कर नई मिसाल पेश करनी चाहिए। रविवार को सायन कोलीवाड़ा, हनुमान टेकड़ी स्थित अशोक सिंघल रुग्ण सेवा सदन में कहा कि मुसलमानों को हिन्दुओं के आस्था का सम्मान करना चाहिए, राम हमारे लिए आस्था के प्रतीक हैं।
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मुंबई

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Binod Pandey

Nov 18, 2019

Mumbai News Live : मुस्लिम समाज हिन्दुओं की आस्था का सम्मान करें : विश्व हिन्दू परिषद

Mumbai News Live : मुस्लिम समाज हिन्दुओं की आस्था का सम्मान करें : विश्व हिन्दू परिषद

मुंबई.अयोध्या मामले पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के समय महात्मा गांधी ने मुसलमानों से आह्वाहन किया था कि वे सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का विरोध नहीं बल्कि उसे सहजता से स्वीकार करें। बाबर आक्रांता था, विदेशी था उसने हिन्दुओं के मंदिरों को लुटा, वह मुसलमानों का प्रेरक नहीं हो सकता।

Patrika .com/ayodhya-news/vishva-hindu-parishad-statement-on-ayodhya-chanda-vasuli-5382597/" target="_blank">राम मंदिर निर्माण के लिए नहीं जुटाया जा रहा है चंदा : विश्व हिन्दू परिषद

परांडे ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से सत्य प्रस्थापित हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान करोड़ों घरों में प्रचलित हुआ जो पत्थर तरासा गया है उनका उपयोग मंदिर निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1989 के बाद विश्व हिन्दू परिषद श्रीराम जन्मभूमि के लिए धन संग्रह नहीं किया और इस समय भी श्री राम जन्मभूमि न्यास व विश्व हिन्दू परिषद धन संग्रह नहीं कर रहा है। काशी मथुरा के सवाल पर परांडे ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद 1984 में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को हाथ में लिया था, अब श्री राम मंदिर निर्माण,गोरक्षा व धर्मांतरण रोकना हमारा मुख्य ध्येय है।

विहिप के महामंत्री परांडे ने कहा कि सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में हर साल पांच करोड़ श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। दर्शन स्त्री-पुरुष आधार भेदभाव नहीं बल्कि यह यह मंदिर की पुरानी परम्परा है जिसका ख्याल रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ के सबरीमला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को प्रवेश और अन्य धर्म से जुड़े मामलों को वृहद पीठ को भेजने का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि किसी न्यायालय को किसी धर्म के अंतरंग मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है या नहीं यह पीठ को ही सोचना है। उन्होंने केरल की वाम मोर्चा सरकार पर अयप्पा के प्रति श्रद्धा को तोडऩे का प्रयास करने का आरोप लगाया।

सबरीमाला मंदिर में मंडला पूजा की धूम, देखें वीडियो

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