7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mumbai News: मुंबई में अब चेचक का तांडव? स्मॉलपॉक्स से 7 संदिग्धों की मौत; कई बीमार

मुंबई में खसरा के बाद अब चेचक का तांडव जारी हैं। मुंबई में चेचक की बीमारी से 7 संदिग्ध मौतें हो चुकी हैं। बुधवार को बीएमसी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि कई हॉस्पिटलों को बीमारी से निपटने के लिए तैयार किया गया है और आइसोलेशन वॉर्ड्स की भी व्यवस्था की गई है।

2 min read
Google source verification
measles_outbreak.jpg

Measles Outbreak

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में खसरा के बाद अब चेचक का तांडव जारी हैं। शहर में सितंबर में चेचक फैलने के बाद से इस बीमारी से 7 संदिग्ध मौतें हो चुकी हैं। इसको लेकर बुधवार को बीएमसी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नए 184 मामलों में बुखार और शरीर पर दाने हैं। उसने कहा कि इसके साथ ही मुंबई में संदिग्ध चेचक के मामले बढ़कर करीब 1,263 हो गए हैं। इन मामलों में 1 से 4 साल तक के आयु वर्ग के 647 बच्चे शामिल हैं। विज्ञप्ति में ये भी कहा गया है कि 12 नए मरीजों को भर्ती करने के बाद हॉस्पिटल में चेचक के मरीजों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।

मंगलवार को बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को एक साल के एक बच्चे की चेचक से मौत हो गई। नल बाजार में रहने वाले बच्चे का इलाज पिछले हफ्ते से बीएमसी द्वारा संचालित चिंचपोकली स्थित कस्तूरबा हॉस्पिटल में चल रहा था। यह भी पढ़े: Mumbai News: हाईकोर्ट ने शिंदे सरकार को जारी किया नोटिस, BMC चुनावों में सीटों की संख्या घटाने का मामला

बीएमसी ने कहा कि शहर में चेचक के संक्रमण की वजह से 7 संदिग्ध मौतें हुई हैं, लेकिन उनकी मौत के सही कारण की पुष्टि समीक्षा समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी। चेचक का प्रकोप शहर के 8 वार्डों में फैला हुआ है और सबसे अधिक मामले एम-ईस्ट वार्ड से हैं, जिसमें गोवंडी और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

आइसोलेशन वॉर्ड तैयार किए गए: बता दें कि बीएमसी ने बताया कि उसने कई हॉस्पिटलों में चेचक के मामूली और गंभीर लक्षण वाले मरीजों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड की व्यवस्था की है। कस्तूरबा हॉस्पिटल में 5 वेंटिलेटर के अलावा सबसे अधिक 83 बेड्स उपलब्ध हैं। बीएमसी ने पेरेंट्स से 9-16 आयु वर्ग के बच्चों को बीमारी के खिलाफ टीका लगवाने का भी अनुरोध किया है। पहले बीएमसी ने कहा था कि चेचक में बच्चे को बुखार, सर्दी, खांसी और शरीर पर लाल दाने हो जाते हैं।

बता दें कि इस बीमारी की जटिलता उन बच्चों में गंभीर हो सकती है, जिन्हें आंशिक रूप से टीका लगाया गया है या जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है। पिछले सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि उन्होंने शहर में चेचक के मामलों में वृद्धि के बाबत मुंबई में एक उच्च-स्तरीय बहु-विषयक टीम की प्रतिनियुक्ति की है। आगे कहा गया, यह टीम सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों, अपेक्षित नियंत्रण और रोकथाम उपाय करने में राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता करेगी।