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मुंबई में ऑनलाइन ठगी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मुंबई के दहिसर इलाके का है। दहिसर की एक 34 वर्षीय महिला को अपने वाहन के लिए फास्टटैग रिचार्ज करना काफी महंगा पड़ गया है। महिला को 4.54 लाख रुपये का चूना लग गया है। दहिसर पुलिस ने इस मामले को लेकर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फास्टटैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा संचालित है. पीड़िता नरीमन पॉइंट में एक बैंक में काम करती है।
इस महीने की 9 तारीख को महिला के भाई ने उसे बताया कि उसे अपनी एसयूवी के लिए फास्टटैग रिचार्ज करना होगा। इसके बाद महिला ने रिचार्ज के लिए ऑनलाइन सर्च किया। इस दौरान उसे एक कस्टमर केयर नंबर मिला। लेकिन ये नंबर एक जालसाज का था। महिला द्वारा फोन करने पर शख्स ने उसकी मदद करने की बात कही। यह भी पढ़ें: Mumbai News: डेटिंग एप पर पहले महिला की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ, फिर शादी का वादा करके ठग लिए 8 लाख रुपए
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने महिला को फास्टैग रिचार्ज करने के लिए उसके मोबाइल पर एक लिंक शेयर किया था। लिंक पर क्लिक करते ही 'ग्राहक सहायता' नामक एक ऐप महिला के फोन पर अपने आप डाउनलोड हो गया। इसके बाद आरोपियों ने महिला को फोन पर अपने बैंकिंग एप में लॉग इन करने की सलाह दी। ऐसा करते ही महिला को एसएमएस मिला जिसमें लिखा था प्रिय ग्राहक, फास्टटैग रिचार्ज सफल। महिला ने लगा कि उसने फास्टैग को रिचार्ज करा दिया है। थोड़ी देर बार उसने देखा उसके फोन पर डेबिट लेनदेन के मैसेज आने शुरू हो गए। इस दौरान उनके खाते से अलग-अलग किश्तों में करीब 6.99 लाख रुपये निकाले गए थे।
इसके बाद महिला साइबर पुलिस स्टेशन पुहंची। जहां पुलिस अधिकारियों ने संबंधित बैंक को ईमेल भेजे और उसके 2.45 लाख रुपये के धोखाधड़ी वाले पैसे को फ्रीज करवा दिया। महिला ने को पता चला कि ठगों द्वारा उसके अकाउंट में चार भुगतानकर्ता भी जोड़े गए थे, उससे पूरी तरह से 4.54 लाख रुपये ठगे गए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
Updated on:
16 Aug 2022 07:52 pm
Published on:
16 Aug 2022 07:51 pm
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