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Mumbai News: इलेक्शन कमीशन पर भड़का ठाकरे गुट, पक्षपात के लगाए आरोप, चुनाव चिह्न और नाम पर भी नाराजगी

महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी हैं। उद्धव ठाकरे 'सेना' की तरफ से इलेक्शन कमीशन को एक 12 सूत्रीय खत लिखा गया है। इस खत में प्रतिद्विंदी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पक्ष में काम करने के आरोप लगाए गए हैं।

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Shiv Sena And Uddhav Thackeray

महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी हैं। इस बीच उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट ने इलेक्शन कमीशन पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उद्धव ठाकरे गुट ने इलेक्शन कमीशन पर आरोप लगाए हैं कि पार्टी का नाम और चिह्न देने में पक्षपात किया गया है। हाल ही में इलेक्शन कमीशन ने उद्धव ठाकरे खेमे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समर्थन वाले गुट को नए नाम और चिह्न आवंटित किए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उद्धव ठाकरे 'सेना' की तरफ से इलेक्शन कमीशन को एक 12 सूत्रीय खत लिखा गया है। इस खत में प्रतिद्विंदी शिंदे के पक्ष में काम करने के आरोप लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो उद्धव ठाकरे गुट का कहना है कि उनकी तरफ से दिए गए सुझावों को शिंदे गुट को कॉपी करने का मौका मिला। इसके लिए उद्धव ठाकरे खेमे ने इलेक्शन कमीशन को जिम्मेदार बताया है। यह भी पढ़ें: Mumbai News: भिवंडी में बीएमसी स्कूल की खुली पोल, आजादी के 75 साल बाद भी बोरे पर बैठकर पढ़ते छात्र

बता दें कि खत में लिखा है कि इलेक्शन कमीशन ने 'संभावित रूप से' एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से लिस्ट दाखिल किए जाने से पहले ही उद्धव ठाकरे खेमे के पसंद के नाम और चिह्न को वेबसाइट पर अपलोड कर दिए थे, जिसकी वजह से एकनाथ शिंदे गुट ने उन चिह्न और नाम का चुनाव किया, जिनका सुझाव ठाकरे गुट की तरफ से दिया गया था।

खत के मुताबिक, बाद में यह देखा गया कि माननीय आयुक्त ने वेबसाइट से चिठ्ठी को हटा दिया, जिससे ठाकरे गुट को हैरानी हुई। यह बताने की कोई आवश्कयता नहीं है कि शिंदे गुट का कोई भी ऐसा लैटर वेबसाइट पर शेयर नहीं हुआ, जो उनकी चुनाव चिह्न और नाम की पसंद को बताता हो। आरोप लगाए गए हैं कि शिंदे गुट की तरफ से 'असरदार तरीके से' ठाकरे खेमे की तरह नाम के रूप में पहली और चुनाव चिह्न के तौर पर पहली और दूसरी पसंद जमा की गई, जिससे उद्धव ठाकरे गुट को उनकी पसंद का पहला नाम और पहली और दूसरी पसंद का चिह्न आवंटित नहीं हो सका।

क्या हैं नए नाम और चुनाव चिह्न: बता दें कि शिवसेना पर दावा पेश कर रहे दोनों गुटों को लेकर इलेक्शन कमीशन ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया था। इसके बाद दोनों समूहों को नए नाम और चिह्न दिए गए हैं। अब ठाकरे की पार्टी का नाम 'शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)' होगा और चिह्न 'मशाल' होगा। जबकि, सीएम शिंदे के समर्थन वाली पार्टी को 'बालासाहेबांची शिवसेना' जाना जाएगा, जिसका चुनाव चिह्न 'एक ढाल और दो तलवार' होगा।

ऋतुजा लटके को हाईकोर्ट से बड़ी राहत: बता दें कि आज बॉम्बे हाईकोर्ट की तरफ से ऋतुजा लटके को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि बीएमसी कल सुबह 11 बजे तक ऋतुजा लटके का इस्तीफा मंजूर करे और इस बारे में याचिकाकर्ता को सूचित भी करे। कल अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन की अर्जी भरने का लास्ट दिन है। ऋतुजा लटके को उद्धव ठाकरे खेमे ने अपना उम्मीदवार बनाया है। वे दिवंगत शिवसेना विधायक रमेश लटके की पत्नी हैं। ये चुनाव तीन नवंबर को होगा।

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