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Mumbai News: तीने महीने पहले चोरी हुई बाइक के मालिक को मिला चालान, मोबाइल पर आ गई सारी डिटेल; जानें पूरा मामला

मुंबई में बाइक चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है। बाइक चोरी के तीन महीने के बाद शिकायतकर्ता को मोबाइल पर यातायात उल्लंघन के लिए बाइक के एक हजार रुपये के जुर्माने का मैसेज मिला। जब उसने लिंक खोला तो उसे अपनी बाइक की फोटो दिखी जोकि गोरेगांव पूर्व के ओबेराय माल के पास एक पार्किंग क्षेत्र में खड़ी थी।

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Mumbai Challan

मुंबई स्थित मलाड के एक व्यवसायी की बाइक तीन महीने पहले चोरी हो गई थी और उसने पुलिस में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी। हैरानी की बात ये है कि अब उस शख्स को यातायात पुलिस की तरफ से गोरेगांव ईस्ट स्थित ओबेराय माल के पास नो पार्किग पर बाइक पार्क करने पर 1000 रुपये के ई-चालान के द्वारा से जुर्माना भरने का एक मैसेज आया। इस मामले को लेकर 30 वर्षीय व्यवसायी संजय शाह ने बताया कि 30 मई को मैं किसी काम से अंधेरी गया और अंधेरी स्पोर्ट्स क्लब के बाहर अपनी बाइक खड़ी कर दी। जब मैं वापस आया तो मुझे अपना बाइक वहा नहीं मिली।

शाह के मुताबिक, वर्सोवा और अंधेरी पुलिस थानों का दौरा करने और ट्रैफिक पुलिस को लापता बाइक के बारे में सूचित करने के बावजूद बाइक नहीं मिली और इसके बाद उसने डीएन नगर थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मैं फोन पर अधिकारी के संपर्क में रहा हूं और उसे कई बार फोन किया है, लेकिन उसने कहा कि जांच जारी है। यह भी पढ़ें: Mumbai News: दरिंदगी की सारी हदे पार, तीन लोगों ने किया 9 साल की बच्ची का बलात्कार; 2 आरोपी गिरफ्तार

शाह ने आगे बताया कि बीतें 29 जुलाई को मेरे मोबाइल पर एक ई-चालान का मैसेज मिला। जब मैंने लिंक ओपन किया तो मैंने अपनी बाइक की दो फोटो देखीं, जो ओबेरॉय मॉल के पास खड़ी थीं। अगर एक्टिवा को नो-पार्किग जोन में पार्क किया गया था, तो डीएन नगर पुलिस ने इसकी जानकारी लेने की कोशिश क्यों नहीं की? फोटो में आगे और पीछे की प्लेटों पर नंबर अलग-अलग थे, तो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने वाहन को जब्त क्यों नहीं किया?

बता दें कि इसके बाद शाह ने संबंधित जांच अधिकारी को ई-चालान के बारे में बताया। शाह ने कहा कि उन्होंने मुझे सब इंस्पेक्टर मीनल भोंसले से मिलने के लिए डीएन नगर पुलिस स्टेशन में दो बार बुलाया। जब मैं पुलिस थाने पहुंचा तो वह आसपास नहीं थी। मलाड से डी एन नगर पुलिस स्टेशन तक रोजाना यात्रा करना संभव नहीं था, इसलिए भोसले से उचित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद, मैंने मामले को छोड़ दिया।