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सोने का दांत बना सुराग, 15 साल बाद पकड़ा गया ठग प्रवीण जडेजा, मुंबई में मालिक को लगाया था चूना

Mumbai Sewri News: मुंबई पुलिस ने आखिरकार 38 वर्षीय प्रवीण जडेजा को धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ 2007 में शहर में चिंटिंग का केस दर्ज किया गया था।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 11, 2023

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आरोपी प्रवीण जडेजा

Pravin Jadeja Sewri Mumbai: कहते है इंसान जैसा कर्म करता है, उसे उसका फल भी उसी तरह से मिलता है। यह बात 38 वर्षीय आरोपी प्रवीण अशुभा जडेजा (Pravin Ashubha Jadeja) पर बिलकुल सटीक बैठती है। मुंबई पुलिस ने प्रवीण जडेजा को अपराध के 15 साल बाद गिरफ्तार किया है। वह तब से फरार था। उसके मुंह में लगा सोने का दो दांत पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ।

जानकारी के मुताबिक, सेवरी (Sewri) की आरएके मार्ग पुलिस (RAK Marg police) ने आखिरकार 38 वर्षीय प्रवीण जडेजा को धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ 2007 में शहर में चिंटिंग का केस दर्ज किया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसने एक कपड़े की दुकान में सेल्समैन के रूप में काम किया और 2007 में एक दुकानदार से 40,000 रुपये की ठगी की। यह भी पढ़े-मुंबई: बांद्रा में 500 रुपये के लिए दो भाइयों ने की युवक की हत्या, सीने में घोंपा चाकू, गिरफ्तार


पहचान बदलकर छुपा था

पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी प्रवीण जडेजा नई पहचान के साथ महाराष्ट्र से ही भाग गया था। पुलिस ने कहा कि उसने मुंबई के बाद अपना नया ठिकाना गुजरात (Gujarat) के कच्छ (Kachchh News) में बनाया।

पुलिस के अनुसार, जडेजा 2007 में परेल में एक कपड़ा व्यापारी के यहां सेल्समैन के तौर पर काम करता था। उसी साल 28 जुलाई को कपड़ा व्यापारी ने अपने भरोसेमंद कर्मचारियों के काम पर नहीं आने की वजह से जडेजा को कपड़ा बाजार में अपने ग्राहक से 40,000 रुपये लेने के लिए भेजा। लेकिन उसने सेवरी में पैसे चोरी होने का बहाना बनाया।


जमानत मिलने के बाद भागा

आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा “जडेजा ने तब सार्वजनिक शौचालय के अंदर दो लोगों द्वारा पैसे लूटे जाने की झूठी कहानी बनाई। कपड़ा व्यवसायी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में जडेजा की भूमिका का पता चलाने के बाद उसी दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।“

लेकिन जडेजा को तीन दिनों के बाद जमानत मिल गई थी। जिसके बाद माना जाता है कि वह कच्छ भाग गया था। सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं होने पर जडेजा को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया।


सोने के दांत की वजह से धराया

असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर महेश लमखाडे ने कहा, "एक विशेष अभियान के तहत मुंबई पुलिस इन फरार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। हमने एक महीने पहले फिर से जडेजा की तलाश शुरू की। हमने परेल इलाके में उसके बारे में पूछताछ शुरू की, क्योंकि वह वहां काम करता था। लेकिन हमें कोई सुराग नहीं मिला। बाद में हमे गिरफ्तारी के पेपर से पता चला कि आरोपी के दो कृत्रिम दाँत हैं जिन पर सोने की परत चढ़ी हुई है, और हमने इस लीड के आधार पर उसकी तलाश शुरू की।“

जांच के दौरान, जब पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ता और जडेजा के पूर्व सहकर्मियों से पूछताछ की, तो उन्हें पता चला कि वह कच्छ के मांडवी तालुका (Mandvi Taluka) के सभराई गांव (Sabhrai) से था। एक अधिकारी ने कहा “हमने अपने मुखबिर के माध्यम से उस गांव में उसकी तलाश शुरू की। हमने अपने मुखबिरों को मैसेज भेजा कि हम प्रवीण जडेजा की तलाश कर रहे हैं, जिसके दो सोने के दांत हैं. फिर भी हमें जडेजा का कुछ पता नहीं चला।“

इस बीच, जांच अधिकारियों को खबर मिली कि गाँव का एक निवासी है जिसके दो सोने के दाँत हैं, लेकिन उसका नाम प्रदीपसिंह जडेगा है। पुलिस अपने मुखबिरों के माध्यम से उसकी तस्वीर हासिल करने में कामयाब रही और इस तरह जडेगा की पहचान भगोड़े प्रवीण जडेजा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने एलआईसी एजेंट बनकर उनसे संपर्क किया।


पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा

एक अधिकारी ने कहा, "फिर हमने आरोपी को फोन किया और बताया कि प्रवीण जडेजा की पॉलिसी मैच्योर हो रही है और उसे पैसे लेने के लिए सेवरी इलाके में बुलाया गया।" गुरुवार को जैसे ही वह सेवरी पहुंचा पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद शिकायतकर्ता और उसके पूर्व सहकर्मियों ने उसकी पहचान की पुष्टि की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।