
फूल विक्रेता का अपहरण करने के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार
मुंबई (Mumbai News) के फूल विक्रेता के अपहरण के मामले में एनएम जोशी मार्ग पुलिस (N M Joshi Marg Police) ने रविवार को सांगली (Sangli News) से एक 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. पुलिस इस मामले में चार अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। पुलिस ने कहा कि पांचों आरोपियों ने कथित तौर पर फूल विक्रेता को शहर के करी रोड (Currey Road) स्थित दुकान से अगवा कर लिया था। बाद में पीड़ित की पत्नी से आरोपियों ने सात लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
पुलिस के मुताबिक, फूल विक्रेता की पहचान रमेश बापू काले के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उस्मानाबाद (Osmanabad) का निवासी है। पुलिस ने कहा कि 1 दिसंबर को शाम 6 बजे के आसपास बापू प्रह्लाद चव्हाण और विलास प्रह्लाद चव्हाण काले की दुकान पर पहुंचे और फूलों का बड़ा ऑर्डर होने का झूठा बहाना बनाकर उसे अपने साथ ले गए। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र: पालघर में नए साल की पूर्व संध्या पर नाबालिग लड़की से रेप, आरोपी युवक गिरफ्तार
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "आरोपियों ने काले को अपने वाहन में बैठने के लिए कहा और उसे सांगली ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया।" बाद में आठ दिसंबर को अपहरणकर्ताओं ने काले की पत्नी सुनीता को फोन कर सात लाख रुपये की फिरौती मांगी। और रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। हालांकि महिला के पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए उसने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। फिर आरोपियों के खिलाफ अपहरण, जबरन वसूली आदि आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज और फिरौती के कॉल की जांच की तो आरोपियों की पहचान हो गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अपहरणकर्ता काले के साथ सांगली और कर्नाटक के बीच बार-बार अपना ठिकाना बदल रहे थे।
पुलिस सब-इंस्पेक्टर नौशाद तम्बोली ने कहा, "जब आरोपियों को पता चला कि उनके लोकेशन की जानकारी पुलिस को पता चल गई है तो वह काले को कमरे में छोड़कर फरार हो गए।" उन्होंने कहा, "हमें बाद में जानकारी मिली कि आरोपी महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर हैं, इसलिए हमने वहां जाल बिछाया और संतोष काले नाम के आरोपी को गिरफ्तार का लिया।" फूल विक्रेता को सांगली से सुरक्षित बचा लिया गया है. पकड़े गए आरोपी को कोर्ट ने 5 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस बापू प्रह्लाद चव्हाण, उसके भाई विलास, बहन मयूरी और एक अज्ञात आरोपी का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। चव्हाण एक ठेकेदार के रूप में काम करता है और मजदूरों को गन्ना कंपनियों में काम के लिए भेजता है। इसी काम के सिलसिले में चव्हाण ने काले को पैसे दिए थे, लेकिन काले ने न तो पैसे लौटाए और न ही काम किया। जो इस वारदात की प्रमुख वजह बनी।
चव्हाण पर सोलापुर में एक व्यक्ति की हत्या का भी आरोप है। आरोप है कि उधार लिए गए पैसे का भुगतान नहीं करने पर चव्हाण ने शख्स को मौत के घाट उतर दिया था।
Published on:
03 Jan 2023 08:09 pm
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