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गुड न्यूज! मुंबई-पुणे 48 मिनट और पुणे-हैदराबाद 2 घंटे में, जानें रेलवे का हाई स्पीड कॉरिडोर प्लान

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में मुंबई, पुणे सहित आठ शहरों को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कराने का ऐलान किया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 02, 2026

Nirmala Sitharaman High-Speed Rail corridors

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने किया हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान (Photo: IANS/File)

बजट 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुंबई और पुणे में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण करने की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य इन दो प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंचने का समय कम करना और व्यापारिक गतिविधियों को गति देना है।

मुंबई और पुणे आएंगे और पास

केंद्र सरकार ने पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन प्रस्तावित कॉरिडोरों से शहरों के बीच यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों के लिए बिना किसी रुकावट के, बहु-माध्यमीय आवाजाही आसान हो जाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चेन्नई-बेंगलुरु की यात्रा में लगभग 1 घंटा 13 मिनट, बेंगलुरु-हैदराबाद में लगभग 2 घंटे और चेन्नई-हैदराबाद में लगभग 2 घंटे 55 मिनट लगेंगे। यह नेटवर्क कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लिए एक सशक्त विकास गुणक के रूप में कार्य करेगा और इससे क्षेत्रीय विकास को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी और मध्य भारत में प्रस्तावित मुंबई-पुणे हाई-स्पीड कॉरिडोर यात्रा के समय को घटाकर लगभग 48 मिनट कर देगा, जिससे ये दोनों बड़े शहरी केंद्र प्रभावी ढंग से जुड़ जाएंगे। पुणे से हैदराबाद तक लगभग 1 घंटा 55 मिनट में कनेक्टिविटी और आगे दक्षिणी केंद्रों से जुड़ाव से, विभिन्न क्षेत्रों में एक सतत हाई-स्पीड नेटवर्क का निर्माण होगा, जिससे यात्रियों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं दोनों को लाभ होगा।

वहीं, उत्तरी और पूर्वी भारत में दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से यात्रा लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरी होगी। इसके अतिरिक्त, वाराणसी से पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से वाराणसी-सिलीगुड़ी की यात्रा लगभग 2 घंटे 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह कनेक्टिविटी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ते हुए एक नया आर्थिक कॉरिडोर विकसित करेगी।

वैष्णव ने कहा कि ये सातों हाई-स्पीड कॉरिडोर मिलाकर लगभग 4000 किमी में फैले होंगे और इनसे करीब 16 लाख करोड़ रूपए के निवेश की उम्मीद है।

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