
Mumbai Shravan : साढ़े छह सौ पुराना है भुलेश्वर का शिव मंदिर
मुंबई. आर्थिक राजधानी के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र भुलेश्वर क्षेत्र को मुंबई का काशी कहा जाता है। इस क्षेत्र में देवी देवताओं के कुल 780 मंदिर हैं जिसमें शिवालयों की संख्या सबसे ज्यादा है। वैसे तो यहां के सभी मंदिरों में सुबह शाम भक्तों आना जाना लगा रहता है मगर सावन महीने में शिव मंदिरों में भक्तों की आस्था देखते ही बनती है।
श्री भुलेश्वर मंदिर करीब 650 वर्ष पुराना मंदिर है। सावन के पूरे महीने में श्री भुलेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही लम्बी कतारें लगी रहती है। 15वीं सदी का श्री भुलेश्वर मंदिर मुख्य बाजार से सटा हुआ है। बाहर से काफी अजीर्ण अवस्था में दिख रहे इस मंदिर का मूल मंदिर बेहद आकर्षक है। इस मंदिर की वास्तु खूबसूरत है। 15 वीं सदी में इस भूभाग पर कोली समुदाय का प्रभुत्व था। भोला नाम के एक कोली व्यक्ति को रात में स्वप्न आया कि इस जगह पर शिवलिंग है जिसे निकाल कर स्थापित करें। भोला ने फावड़े से उस जगह को खोदना शुरू किया। उसका फावड़ा इस शिवलिंग से टकरा गया जिससे खून निकलने लगा। जब धार्मिक अनुष्ठान कराया गया तो खून निकलना बंद हो गया और वहां से दूध निकलने लगा। भोला ने तब शिवलिंग नहीं निकाला और उतने पर ही स्थापित करा दिया। श्री भुलेश्वर मंदिर का शिवलिंग बीच में टूटा हुआ है और जमीन से थोड़ा ही बाहर निकला हुआ है। मंदिर में शीतला, लक्ष्मी, सरस्वती ,गणेश की भी मूर्तियां हैं। श्री भुलेश्वर महादेव के ठीक सामने नंदी बैल की बेहद खूबसूरत मूर्ति है जिसे आने वाला हर भक्त निहारता रहा जाता है।
कार्यक्रम
भुलेश्वर भक्त मंडल की ओर से श्री भुलेश्वर मंदिर में साल भर कई विविध धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। श्री भुलेश्वर महादेव शिवलिंग पर जलाभिषेक का सामूहिक कार्यक्रम भी होते रहते हैं। सावन माह में मंदिर में भजन संध्या कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
Published on:
24 Jul 2019 04:53 pm
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