
महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार रात हिंसा भड़कने के बाद अब स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। महाल इलाके में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया है। दंगाईयों को पकड़ने के लिए पुलिस ने रातभर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया और अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। भड़काऊ सामग्री और वीडियो पोस्ट करने वाले 55 सोशल मीडिया अकाउंट पुलिस की रडार पर हैं।
जानकारी के मुताबिक, नागपुर के कई हिस्सों में कर्फ्यू (धारा 163) लागू कर दिया गया है और संवेदनशील इलाको में भारी पुलिस बल मौजूद है। नागपुर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पाचपावली, शांतीनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर में प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। इन इलाकों में मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर किसी को भी घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।
नागपुर हिंसा की जड़ें सोमवार सुबह हुए एक प्रदर्शन से जुड़ी हैं। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने महाल के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान, औरंगजेब के पोस्टर और हरे कपड़े में लिपटी प्रतीकात्मक कब्र जलाने की कोशिश की। शाम होते-होते इस्लाम धर्म के अपमान की अफवाहें फैलने लगीं और नागपुर के कई हिस्सों में तनाव बढ़ गया। हालांकि बजरंग दल ने आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान केवल औरंगजेब का पुतला फूंका था। पुलिस ने इस संबंध में केस भी दर्ज किया।
इस बीच, रात साढ़े आठ बजे के करीब सैकड़ों की संख्या में लोग महाल इलाके में आये घरों और वाहनों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर भी हमला किया। वाहनों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी गई। मौके पर पहुंचे 14 पुलिसकर्मी और दमकल कर्मी भी इस हिंसा में घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान अज्ञात शख्स ने एक डीसीपी रैंक के अधिकारी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महाल इलाके की बिजली और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। पुलिस ने रातभर शहर में छापेमारी कर उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। महाल के बाद हंसपुरी इलाके में भी उपद्रवियों द्वारा कई वाहनों को नुकसान पहुंचाये जाने की खबर है।
हिंसा को देखते हुए नागपुर के कई स्कूल-कॉलेजों ने छुट्टी घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन ने भी स्कूलों को स्थिति के आधार पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। उन्होंने पुलिस को उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए है। वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। नागपुर के पालकमंत्री और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी नागपुर पहुंचे है और हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे है।
Updated on:
18 Mar 2025, 12:03 PM IST
Published on:
18 Mar 2025, 11:47 AM IST
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