
शरद पवार और अजित पवार की गुप्त मुलाकात पर बड़ा खुलासा
Maharashtra Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार की चार महीने पहले पुणे में हुई गुप्त बैठक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एनसीपी में बगावत के बाद उद्योगपति अतुल चोरडिया के आवास पर हुई चाचा-भतीजे की इस सीक्रेट मीटिंग ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी थी। कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेताओं ने वरिष्ठ पवार के रुख पर सवाल उठाए थे।
एनसीपी में दो फाड़ होने के बाद अगस्त में पुणे में एक उद्योगपति के आवास पर बंद कमरे में बैठक हुई थी। इस बैठक में एनसीपी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील और शरद पावर की बेटी सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। एनसीपी (शरद पवार गुट) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटील ने इस बैठक का एजेंडा बताया है। यह भी पढ़े-शरद पवार की बढ़ी टेंशन! 4 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा अजित खेमा, सुप्रिया सुले के खिलाफ उतारेंगे प्रत्याशी
एक न्यूज चैनल से बात करते हुए राज्य के पूर्व मंत्री जयंत पाटील ने कहा, “उद्योगपति के आवास पर बैठक केवल पार्टी में संभावित विभाजन रोकने के लिए थी। यही एकमात्र मुद्दा था जिस पर मेरे सामने चर्चा हुई थी।”
उन्होंने आगे कहा, ''हम सभी पिछले 25 साल से पार्टी में हैं। मेरी कोशिश पार्टी में विभाजन रोकने की थी। पार्टी हम सभी की है। इसीलिए मैं एनसीपी के दोनों धड़ों के संपर्क में था, जिससे मेरे पाला बदलने की अटकलें तेज हो गईं।''
बता दें कि एनसीपी संस्थापक शरद पवार और डिप्टी सीएम अजित पवार की बार-बार मुलाकात से बड़े पवार की छवि धूमिल हो रही है। उद्धव गुट ने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में यह बात कही थी। दरअसल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी महाविकास आघाडी (एमवीए) के घटक दल हैं। जबकि एनसीपी का एक धड़ा अजित पवार के नेतृत्व में सीएम एकनाथ शिंदे नीत सरकार के साथ है।
जुलाई महीने में महाराष्ट्र में बड़ा सियासी भूकंप आया और अजित पवार ने अचानक शिवसेना-बीजेपी सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। अजित दादा के साथ ही उनका समर्थक करने वाले एनसीपी के आठ बड़े नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। एनसीपी के 54 विधायकों में से अधिकांश विधायक अजित दादा के साथ खड़े है।
Published on:
07 Dec 2023 07:09 pm

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