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Maharashtra: ‘मां सरस्वती’ पर दिए विवादित बयान पर छगन भुजबल कायम, कहा- जिसकी पूजा करनी हो करों, मुझे बोलने का अधिकार है

Maharashtra Politics Goddess Saraswati: एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा “मेरे घर के सामने सरस्वती माता की तस्वीर लगाकर दुर्गा माता की आरती की। उनको सरस्वती की पूजा कैसे की जाती है यह पता नहीं।"

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Sep 30, 2022

Chhagan Bhujbal  Maa saraswati

छगन भुजबल के 'सरस्वती मां की पूजा की जरूरत नहीं' वाले बयान पर बवाल

NCP Leader Chhagan Bhujbal: स्कूलों में सरस्वती-शारदा मां की फोटो लगाने को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता छगन भुजबल अब भी कायम है। एक दिन पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भुजबल को अपने बयान के लिए माफी मांगने के लिए कहा था।

नासिक (Nashik) जिले के येवला (Yeola) में एक कार्यक्रम में बोलते हुए राज्य के पूर्व मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि फुले, शाहू, आंबेडकर ने इस देश में एक सामाजिक क्रांति लाई और छत्रपति शिवाजी महाराज ने राज्य क्रांति की। छगन भुजबल ने कहा है कि सभी के लिए शिक्षा के द्वार खोलने वाले सभी महापुरुषों की मूर्तियों की पूजा स्कूल में की जानी चाहिए और मैं इस राय पर जोर देते रहूंगा। छगन भुजबल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सरस्वती के बारे में दिए अपने बयान पर अडिग हैं और उन्हें बोलने का अधिकार है। यह भी पढ़े-Maharashtra: छगन भुजबल के 'सरस्वती मां की पूजा की जरूरत नहीं' वाले बयान पर बवाल, सीएम शिंदे ने सुनाई खरी खरी

एनसीपी नेता ने कहा “मेरे घर के सामने सरस्वती माता की तस्वीर लगाकर दुर्गा माता की आरती की। उनको सरस्वती की पूजा कैसे की जाती है यह पता नहीं। मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा रहा। जिसको जिसकी पूजा करनी हो उसे उसकी पूजा करनी चाहिए। मुझे इस देश में बोलने का अधिकार है।“


भुजबल ने पहले क्या कहा था?

वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा, स्कूलों में सावित्रीबाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले, भीमराव अंबेडकर, छत्रपति शाहू महाराज और कर्मवीर भाऊराव पाटिल की तस्वीरें लगानी चाहिए। क्योंकि उन्होंने शिक्षा का अधिकार दिया। लेकिन सरस्वती की फोटो, शारदा मां की फोटो लगाई गई है। जिन्हें हमने कभी देखा ही नहीं है। जिन्होंने हमें कुछ पढ़ाया नहीं है। अगर पढ़ाया भी तो सिर्फ तीन प्रतिशत लोगों को पढ़ाया और हमें दूर रखा था तो उनकी पूजा क्यों करें? छगन भुजबल के इस बयान ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।