
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (FB Photo)
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। पुणे में आयोजित 'इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी' के कार्यक्रम में उन्होंने एक बार फिर अपना वही अंदाज दिखाया। पेट्रोलियम लॉबी पर सीधा प्रहार करते हुए गडकरी ने साफ शब्दों में कहा कि ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) के रास्ते में आने वाली ताकतों से वह डरने वाले नहीं हैं।
गडकरी ने स्पष्ट कर दिया कि देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की राह में वे किसी भी बड़े सिंडिकेट के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं डंडा लेकर बैठा हूं, मुझे मैनेज करने वाला पैदा नहीं हुआ। अच्छा काम करो, नहीं तो मैं ठोकता हूं।” गडकरी के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।
कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि जब उन्होंने पहले वैकल्पिक ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं की बात की थी तो कई लोग उनका मजाक उड़ाते थे और उन्हें पागल तक कहते थे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पहली बार इतने बड़े सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया कि उनके क्रांतिकारी फैसलों के खिलाफ एक बहुत बड़ी पेट्रोलियम लॉबी सक्रिय है। उन्होंने कहा, "मेरे खिलाफ पेट्रोलियम लॉबी बड़े पैमाने पर काम कर रही है। यह लॉबी नहीं चाहती कि ग्रीन एनर्जी क्षेत्र आसानी से फले-फूले।" गडकरी का इशारा पेट्रोल-डीजल के आयात पर निर्भरता कम करने और बायोफ्यूल, एथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने की ओर था, जिससे तेल कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती मिल रही है।
ग्रीन एनर्जी क्षेत्र के उद्यमियों को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि संघर्ष से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “जो लड़ाई छोड़कर भागता है, वह खत्म हो जाता है। हमें डरने की जरूरत नहीं है। हम दूसरे की छाती पर चढ़कर भी लड़ सकते हैं, जीत सकते हैं और सफल हो सकते हैं।”
गडकरी ने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जैव ईंधन, इथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को तेजी से विकसित करना समय की जरूरत है। उन्होंने ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में काम करने वाले उद्योगों और उद्यमियों को सरकार की ओर से हर संभव समर्थन देने का भरोसा भी दिलाया।
Updated on:
06 Mar 2026 05:11 pm
Published on:
06 Mar 2026 05:11 pm
