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उद्धव के साथ बागी सांसद ने खेला डबल गेम! फोन पर की वफादारी की बात, पीछे से करा दी क्रॉस वोटिंग, भाजपा जीती

Omraje Nimbalkar Shiv Sena Split: धाराशिव-लातूर-बीड विधान परिषद चुनाव में भाजपा के बसवराज पाटिल की रिकॉर्ड जीत के बाद बागी सांसद ओमराजे निंबालकर पर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि शिंदे गुट में शामिल होने से पहले ही उनके प्रभाव वाले क्षेत्र से विपक्षी गठबंधन के वोट भाजपा उम्मीदवार की ओर चले गए, जिससे कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 22, 2026

Uddhav Thackery Shiv Sena split

शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Photo: IANS/File)

Vidhan Parishad Election Result 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव (MLC) के नतीजों ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) को बड़ा झटका दिया है। 17 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा नीत महायुति ने 16 सीटें जीती हैं, जबकि एक सीट पर भाजपा के बागी नेता ने जीत दर्ज की है। इस बीच सबसे बड़ा सियासी झटका शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को लगा है।

हाल ही में उद्धव ठाकरे से फोन पर वफादारी की दुहाई देने वाले बागी सांसद ओमराजे निंबालकर (Omraje Nimbalkar) को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। आज नतीजों के बाद आरोप लग रहे हैं कि शिंदे गुट में शामिल होने की घोषणा से पहले ही उन्होंने धाराशिव-लातूर-बीड सीट पर महाविकास आघाड़ी (MVA) को बड़ा नुकसान पहुंचाया। जिस वजह से भाजपा उम्मीदवार की बड़े अंतर से जीत हुई।

इसके साथ ही धाराशिव-लातूर-बीड सीट के नतीजों ने साफ कर दिया है कि ओमराजे ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना में जाने का मन पहले ही बना लिया था और 18 जून को हुए मतदान में उन्होंने अपने प्रभाव वाली सारी वोटें भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में करवा दीं।

रिकॉर्ड 721 वोटों से जीते BJP के बसवराज पाटिल

धाराशिव-लातूर-बीड के विधान परिषद चुनाव में भाजपा उम्मीदवार बसवराज पाटिल ने कांग्रेस के महेश देशमुख को रिकॉर्ड मतों के अंतर से हराया। नतीजों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ओमराजे निंबालकर के प्रभाव वाले क्षेत्र से एमवीए के वोट भाजपा उम्मीदवार की ओर चले गए, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार को करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद पवार) एमवीए के सहयोगी दल हैं।

धाराशिव-लातूर-बीड विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के बसवराज पाटिल को कुल 845 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के महेश देशमुख को सिर्फ 124 वोट हासिल हुए। बसवराज पाटिल ने 721 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जो इस बार के विधान परिषद चुनाव में सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

पहले से तय था शिंदे गुट में जाना?

नतीजों से स्पष्ट है कि इस सीट पर महाविकास आघाड़ी के वोटों में बड़ी टूट हुई है। चर्चा है कि ओमराजे निंबालकर के प्रभाव वाले धाराशिव क्षेत्र से करीब 150 वोट भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में गए। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चुनाव परिणामों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ओमराजे निंबालकर ने रविवार को आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की घोषणा की। इससे पहले वह लगातार यह कहते रहे थे कि अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लेंगे।

ओमराजे निंबालकर को मनाने की कोशिशें नाकाम

इस वजह से ठाकरे गुट ने धाराशिव (उस्मानाबाद) के सांसद ओमराजे निंबालकर को मनाने की कोशिशें तेज कर दी थीं। शनिवार देर रात शिवसेना (यूबीटी) नेता कैलास पाटिल और वरुण सरदेसाई पुणे स्थित उनके आवास पहुंचे और करीब एक घंटे तक चर्चा की। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने भी फोन पर ओमराजे निंबालकर से बात की और उनकी राजनीतिक भूमिका जानने की कोशिश की।

इस दौरान निंबालकर ने ठाकरे से कहा, आपने ही मुझे राजनीति में बड़ा किया है। आज मैं जो कुछ भी हूं, सांसद हूं, तो सिर्फ आपकी और शिवसेना पार्टी की बदौलत हूं। मैंने अभी फैसला नहीं लिया है। किसी भी निर्णय से पहले मैं अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चर्चा करूंगा। इससे शिवसेना (यूबीटी) खेमे में कुछ उम्मीद जगी थी।

अगर ओमराजे निंबालकर उद्धव ठाकरे के साथ बने रहते, तो बागी सांसदों के लिए आवश्यक दो-तिहाई संख्या जुटाना मुश्किल हो जाता। ऐसे में अलग गुट बनाकर शिंदे की शिवसेना में विलय की योजना फेल हो जाती और बागी सांसदों पर दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की कार्रवाई भी हो सकती थी।

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