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महाराष्ट्र के स्कूलों में 19 लाख से भी अधिक बच्चों के पास नहीं हैं आधार कार्ड

महाराष्ट्र के सरकारी और सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों में एडमिशन लेने वाले 2 करोड़ 33 लाख 13 हजार 762 स्टूडेंट्स में से करीब 8.38% बच्चों के पास आधार कार्ड (Aadhaar card) नहीं है। वहीं जिन 2 करोड़ बच्चों के पास आधार कार्ड हैं उनमें से 40 लाख आधार कार्ड अमान्य हैं। ऐसे स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन भी आधार न होने वाले स्टूडेंट्स की तरह अमान्य माना जाएगा।

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Aadhar Card

महाराष्ट्र के सरकारी और सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों में एडमिशन लेने वाले करीब 2 करोड़ 33 लाख 13 हजार 762 स्टूडेंट्स में से लगभग 19 लाख 55 हजार 515 (8.38%) बच्चों के पास आधार कार्ड (Aadhaar card) नहीं है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़े से इस खबर की पुष्टि हुई है। वहीं जिन 2 करोड़ 13 लाख 58 हजार 247 बच्चों के पास आधार कार्ड हैं उनमें से करीब 40 लाख 1 हजार 250 आधार कार्ड वैलिड नहीं हैं। ऐसे स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन भी आधार कार्ड न होने वाले छात्रों की तरह मान्य नहीं माना जाएगा।

शिक्षक अनुमोदन प्रोसेस से पहले सरकार द्वारा जारी यह डेटा कई स्कूलों के लिए परेशानियां बढ़ा दी हैं। दरअसल हर स्कूलों में शिक्षकों के पद स्कूलों में नामांकित स्टूडेंट्स की संख्या के आधार पर हैं। चूंकि अब सिर्फ वैलिड आधार कार्ड वाले स्टूडेंट्स को ही पंजीकृत माना जाएगा इसलिए अब टीचरों की स्कूलों में नियुक्ति के दौरान भी इस गणना को ध्यान में रखा जायेगा। यह भी पढ़े: शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ी, इस मामले में कोर्ट ने जारी किया समन

बता दें कि आंकड़ों के मुताबिक 91 फीसदी स्टूडेंट्स के पास आधार नामांकन है और इसमें से 18 प्रतिशत वैलिड नहीं है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र हेडमास्टर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता महेंद्र गणपुले ने बताया कि जो आधार कार्ड वैलिड नहीं हैं उनमें किसी के नाम में गलती है, किसी का डेट ऑफ बर्थ गलत है तो किसी की बाकी डिटेल में चूक हुई है। चूंकि पेरेंट्स ने इसे ठीक करने की इच्छा नहीं दिखाई इसलिए अब स्कूलों को इन गलतियों को सुरधाने की जिम्मेदारी लेनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में टीचरों की भर्ती के साथ-साथ अगले साल जनवरी से मिड डे मील योजना को भी आधार से जोड़ा जा रहा है।

पुणे के स्कूलों में रजिस्टर्ड हुए करीब 21 लाख 13 हजार 564 स्टूडेंट्स में से 18 लाख 3 हजार 893 बच्चों स्टूडेंट्स के पास आधार कार्ड है, लेकिन इनमें से 17 प्रतिशत आधार कार्ड वैलिड नहीं हैं। वहीं इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर थाणे है। थाणे में रजिस्टर्ड लगभग 17 लाख 55 हजार 388 में से 15 लाख 23 हजार 235 बच्चों के पास आधार है लेकिन इनमें से 16 प्रतिशत के आधार मान्य नहीं हैं। इसके बाद नासिक तीसरे और चौथे नंबर पर मुंबई है। वहीं बिना आधार कार्ड वाले 3 लाख 9 हजार 671 बच्चों के साथ पुणे पहले नंबर पर है। उसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर ठाणे, मुंबई और औरंगाबाद हैं।

आधार अपडेट के लिए 12 दिसंबर तक की मोहलत: बता दें कि स्कूल शिक्षा डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि इन्हीं जिलों में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स स्कूलों में रजिस्टर्ड हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्टूडेंट पोर्टल पर अमान्य आधार को अपडेट करने के लिए स्कूलों को 12 दिसंबर तक का समय भी दिया गया है।

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