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(मुंबई): ठोस कचरा प्रबंधन के मामले में लापरवाही मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को भारी पड़ गई है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने महानगर में सही तरीके से ठोस कचरा प्रबंधन नहीं करने के लिए बीएमसी की खिंचाई की है। साथ ही कचरा प्रबंधन से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के लिए एनजीटी ने मनपा पर पांच करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार मनपा प्रशासन की ओर से कचरा डंपिंग और प्रबंधन से जुड़े एनजीटी के नियमों का पालन नहीं किया गया। महानगर के तीनों डंपिंग ग्राउंड में ठोस कचरा प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम, 2016 के अनुसार नहीं किया गया। इसी मामले में एनजीटी ने मनपा पर जुर्माना लगाया है।
डंपिंग ग्राउंड का हुआ था निरीक्षण
पिछले महीने पारित एनजीटी आदेश के मुताबिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी), जिला कलेक्टर और मनपा के प्रतिनिधियों ने सभी तीन डंपिंग ग्राउंड-देवनार, मुलुंड और कांजुरमार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण का मकसद यह पता लगाना था कि एसडब्ल्यूएम नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
रोजाना 7.50 हजार मेट्रिक टन कचरा
फिलहाल मुंबई में रोजाना साढ़े सात हजार मेट्रिक टन कचरा पैदा होता है, जिसमें से कांजुरमार्ग में तीन हजार मेट्रिक टन, देवनार में दो हजार मेट्रिक टन और मुलुंड डंपिंग ग्राउंड में शेष 1,500 मेट्रिक टन डाला जाता है। हालांकि, मनपा मुलुंड डंपिंग ग्राउंड को बंद करने की फिराक में है।
Published on:
24 Nov 2018 06:22 pm
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