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पीएमसी घोटाला:हाईकोर्ट की निगरानी में एसआईटी से से कराए जांच

-पीएमसी(PMC BANK) डिपॉजिटर एसोसिएशन की तरफ से आज दायर होगी याचिका-फंसा पैसा निकालने की छूट चाहते हैं ग्राहक-रिजर्व(RBI) बैंक अधिकारियों के पैसे भी पीएमसी बैंक में फंसे -पीएमसी बैंक घोटाले में गई चौथी जान  

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पीएमसी घोटाला:हाईकोर्ट की निगरानी में एसआईटी से से कराए जांच

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नागमणि पांडेय
मुंबई. सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार पीएमसी बैंक के खाताधारक शनिवार को बांबे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं। यह याचिका पीएमसी बैंक डिपॉजिटर्स एसोसिएशन की ओर से दाखिल की जाएगी। एसोसिएशन के लोग हाईकोर्ट से अनुरोध करेंगे कि पीएमसी बैंक में जमा पैसा निकालने की उन्हें छूट दी जाए। साथ ही बैंक के घोटाले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में एसआईटी से कराने की मांग भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पीएमसी बैंक ने गड़बड़ी पाए जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले महीने पैसा निकासी पर रोक लगा दी। फिलहाल बैंक के ग्राहक अपने खाते से छह महीने के दौरान 40 हजार रुपए निकाल सकते हैं।
हजारों करोड़ रुपए के गलत व्यवहार मामले में पीएमसी बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरयाम सिंह, प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस, एचडीआईएल के प्रमोटर राकेश व सारंग वधावन मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। अभी तक की जांच में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को कई कागजात हाथ लगे हैं। पता चला है कि पीएमसी बैंक संचालक मंडल ने कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की थी। याचिककर्ता हाईकोर्ट(High court) की देखरेख में एसआईटी गठित करने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन के सदस्य विश्वास उटगी ने पत्रिका को यह जानकारी दी।

आरबीआई अफसरों के पैसे फंसे

आरबीआई अफसरों से जुड़े रिजर्व बैंक स्टाफ एंड ऑफिसर्स कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी का पैसा इस बैंक में जमा है। आरबीआई अधिकारियों की कोऑपरेटिव सोसायटी के 105 करोड़ रुपए पीएमसी बैंक में जमा हैं। यह पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया है। क्रेडिट सोसायटी की बैलेंसशीट में बताया गया है कि उसका पैसा पीएमसी बैंक में जमा किया गया है।

इलाज के लिए बैंक से नहीं मिले पैसे, मुरलीधर ने तोड़ा दम

डॉक्टरों ने बायपास सर्जरी की दी थी हिदायत
मुंबई. पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले में शुक्रवार को चौथे व्यक्ति की जान ले ली। काफी समय से बीमार मुलुंड निवासी मुरलीधर धरणा को डॉक्टरों ने बायपास सर्जरी की हिदायत दी थी। मुरलीधर और परिवार के लोग बायपास सर्जरी कराने के लिए तैयार भी थे। उनके खाते में 60 हजार रुपए जमा हैं, जिसे नहीं निकाल पाए। मुरलीधर मुलुंड कॉलोनी के रहने वाले थे।
मुरलीधर के बेटे प्रेम धरणा ने बताया कि बैंक में उनके परिवार का खाता है। उनके पिता के खाते में भी 60 हजार रुपए जमा हैं। मुरलीधर की मुलुंड में छोटी-सी चाय की दुकान है। जो कमाई होती थी, वह पीएमसी बैंक में जमा करते थे। समय से उपचार के लिए पैसे नहीं मिले, इस कारण उनकी मौत हो गई।
विदित हो कि इससे पहले मुलुंड कॉलोनी के ही फत्तोमल पंजाबी की भी सदमे से मौत हो चुकी है। अंधेरी पश्चिम के ओशिवरा निवासी संजय गुलाटी भी हार्ट अटैक के शिकार हो गए। मुलुंड कॉलोनी के ज्यादातर लोगों के खाते पीएमसी बैंक में हैं। सूत्रों के अनुसार यहां के लोगों के करोड़ों रुपए पीएमसी बैंक में फंसे हैं।