
रियल एस्टेट कंपनी को बचाने के लिए पीएमसी बैंक को पहुंचाया गया नुकसान !
नागमणि पांडेय
मुंबई. पंजाब एंड महाराष्ट्र को ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) के कुल कर्ज का एक तिहाई से अधिक कर्ज देश की एक सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी को दिए जाने के कारण एनपीए होने का आरोप लगाया गया है। खास बात यह है कि पीएमसी के मैनेजिंग टीम के सदस्य इस रियल एस्टेट कंपनी में डायरेक्टर हैं, इस कंपनी को दिवालिया होने से बचाने के लिए पीएमसी बैंक को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
एचडीआईएल देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी के रूप में जानी जाती है। एचडीआईएल कंपनी का संचालन करने वाले डायरेक्टर पीएमसी के बोर्ड मेंबर हैं। आर्थिक मामलों के जानकार विश्वास उटगी का दावा है कि पीएमसी बैंक के बोर्ड में मौजूद इन संचालकों ने नियमों को ताक पर रखते हुए पीएमसी बैंक के कुल कर्ज के एक तिहाई कर्ज इस कंपनी को मंजूर किया है। यह कुल रकम तकरीबन आठ हजार करोड़ रुपए है। इसमें से ढाई सौ करोड़ रुपए का कर्ज अभी तक बैंक को वापस नहीं किया गया है। पीएमसी बैंक के संचालकों ने कंपनी को बचाने के लिए पीएमसी का एनपीए बारंबार छुपाने की कोशिश की। यह वजह है कि अचानक पीएमसी बैंक के डूबने की नौबत आ गई।
छह महीने में बढ़ा पीएमसी बैंक का एनपीए
विश्वास उटगी ने बताया की आरबीआई देश के बैंकों का साल में दो बार ऑडिट करता है। इसमें एनपीए सहित बाकी सब तरह की जांच कर उन्हें ग्रेड का सर्टिफिकेट दिया जाता है। पीएमसी बैंक के इन संचालकों ने आरबीआई को गलत जानकारी देते हुए एनपीए को छुपाया। पीएमसी बैंक ने मार्च, 2019 में पांच प्रतिशत एनपीए बताया था, जिसके बाद आरबीआई ने इसे ए ग्रेड का प्रमाण पत्र दिया। विश्वास उटगी ने बताया की एचडीआईएल का नुकसान छुपाने के लिए पीएमसी बैंक को दिवालिया घोषित करने की कोशिश की गई है। जिसके बाद से आरबीआई ने इस पर प्रतिबंध लगाते हुए छह महीने तक प्रशासक नियुक्त किया है। इसकी समय सीमा और भी बढ़ाई जा सकती है। उटगी ने कहा कि आरबीआई को जांच करनी चाहिए कि आखिरकार वह कौन से खाते हैं, जिसके कारण पिछले छह महीने में ही पीएमसी बैंक का एनपीए इतना अधिक बढ़ गया है।
बैंक मैनेजमेंट कसूरवार
उटगी ने आरोप लगाए कि एचडीआईएल या अन्य जो भी इतने बड़े खाते धारक हैं, जिसका एनपीए छुपाने की कोशिश पीएमसी बैंक के मैनेजमेंट ने की है, इसका नुकसान ग्राहकों को उठाना पड़ रहा है। इसको गंभीरता से लेते हुए आरबीआई को बैंक के मैनेजमेंट पर कार्यवाई करनी चाहिए।
पीएमसी बैंक के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका
विश्वास उटगी ने बताया की पीएमसी बैंक के ग्राहकों का एक मीटिंग शनिवार को बुलाया गया है। ग्राहकों की समस्या सुनने के बाद एक संगठन बनाया जाएगा। इसके बाद इन ग्राहकों को साथ में लेकर अगले सप्ताह आरबीआई के इस निर्णय और पीएमसी बैंक की लपवारवाही के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी।पीएमसी बैंक के तरफ से दिए गए बयान में भी बताया गया है की आरबीआई को हर जांच में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही उनके वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक एनपीए बढऩे से कंपनी के लाभ में कमी आ गई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल बैंक के शुद्ध लाभ में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई थी। वहीं बैंक का एनपीए दोगुना हो गया।
Published on:
26 Sept 2019 08:08 am
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