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बाल ठाकरे को भारत रत्न देने की मांग, राज ठाकरे ने चाचा तो संजय राउत ने सुझाए ये 2 नाम

Balasaheb Thackeray Bharat Ratna: बालासाहेब ठाकरे एक प्रखर नेता के रूप में जाने जाते थे, जो खुलकर अपनी बात रखते थे।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 09, 2024

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बाल ठाकरे की 99वीं जयंती आज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के दो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और नरसिम्हा राव को भारत रत्न से सम्मानित किये जाने की घोषणा की। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न मिलने की जानकारी दी।

मोदी सरकार ने हाल ही में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और बिहार के दिवंगत मुख्यमंत्री एवं जननायक के नाम से मशहूर कर्पूरी ठाकुर को भी भारत रत्न से नवाजे जाने की घोषणा की थी। पिछले कुछ दिनों में पांच 'भारत रत्न' की घोषणा के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से कई महान शख्सियतों को देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार देने की मांग उठ रही है। यह भी पढ़े-कट्टर हिंदुत्व की राजनीति करते थे बालासाहेब ठाकरे, इन 5 विवादों से रहा गहरा नाता

इसी पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र में शिवसेना के संस्थापक और हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे को भारत रत्न देने की मांग हो रही है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) नेता संजय राउत और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बाल ठाकरे को भारत रत्न देने की मांग की है।

बालासाहेब को दें भारत रत्न- राज ठाकरे

अपने चाचा बाल ठाकरे के लिए भारत रत्न की मांग करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने एक्स पर कहा, बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को बालासाहेब ठाकरे को भी 'भारत रत्न' घोषित करना चाहिए। उनके लिए भी वही उदारता दिखानी चाहिए... देश के प्रमुख कार्टूनिस्ट और देशभर के सभी हिंदुओं के गौरव की अलख जगाने वाले अद्वितीय नेता बालासाहेब इस सम्मान के हकदार हैं। यह मेरे और मेरे जैसे अन्य लोगों के लिए खुशी का क्षण होगा जिन्हें बालासाहेब के विचार विरासत में मिले हैं। यह मेरे लिए और मेरे जैसे अन्य लोग जिन्हें बालासाहेब के विचार विरासत में मिले हैं, उनके लिए खुशी का क्षण होगा।


संजय राउत ने कसा तंज

संजय राउत ने ट्वीट कर कहा, “खुद को हिंदुत्ववादी कहने वाले प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे को भूल गए हैं। बमुश्किल एक महीने में पहले दो और अब तीन नेताओं को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। हालाँकि, न तो वीर सावरकर और न ही शिवसेना सुप्रीमो बालासाहेब ठाकरे का नाम है। जो किसी अन्य से अधिक भारत रत्न के हकदार है, उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।“

बीजेपी पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा, “दरअसल, एक साल में तीन लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा सकता है। लेकिन पीएम मोदी ने पांच भारत रत्न देने की घोषणा की है। जाहिर है, चुनाव नजदीक हैं।”

राज्यसभा सांसद ने आगे कहा, “अन्य नेता भी इंतजार कर रहे हैं... लेकिन प्रधानमंत्री श्री बालासाहेब ठाकरे को क्यों भूल गए हैं जो देश में चल रही हिंदू लहर के असली वास्तुकार हैं? और याद रखें, बालासाहेब के कारण ही प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित कर सके।“


अनगिनत लोगों के दिलों में बसते है बालासाहेब

बाला साहेब एक प्रखर नेता के रूप में जाने जाते थे, जो खुलकर अपनी बात रखते थे। शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की 23 जनवरी को 98वीं जन्म जयंती थी। तब पीएम मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा था कि बालासाहेब एक महान व्यक्तित्व थे जिनका महाराष्ट्र के राजनीतिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर अद्वितीय प्रभाव है।

महाराष्ट्र में कट्टर हिंदुत्व वाली राजनीति के अगुआ रहे बालासाहेब ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 में पुणे में केशव सीताराम ठाकरे के घर हुआ था। उनका निधन 17 नवंबर 2012 को मुंबई में कार्डियक अरेस्ट से हुआ था। बालासाहेब ने 86 वर्ष की उम्र में भले ही दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन आज भी वें अनगिनत लोगों के दिलों में बसते हैं।

बाल केशव ठाकरे को बालासाहेब ठाकरे के नाम से भी जाना जाता है। उनके पिता केशव ठाकरे एक सामाजिक कार्यकर्ता थे और "प्रबोधन" नाम से एक मैगज़ीन चलाते थे। वे उस आंदोलन का हिस्सा थे, जिसने 1950 के दशक में महाराष्ट्र राज्य बनाने में मदद की थी। बालासाहेब ने शुरुआत में मुंबई में एक अंग्रेजी अखबार में एक राजनीतिक कार्टूनिस्ट के रूप में काम किया और बाद में 'मार्मिक' नामक एक राजनीतिक पत्रिका शुरू की। जिसमें महाराष्ट्र और विशेष रूप से मुंबई में रहने वाले मराठी भाषी युवाओं से संबंधित मुद्दों को उठाया। हिंदुत्व के कट्टर समर्थक होने के अलावा, वह हमेशा महाराष्ट्रीयन के लिए मजबूती से खड़े रहे।