18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना के कारण रानी बाग को डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान

औसतन प्रतिदिन कमाई डेढ़ लाख और महीने में औसतन 45 लाख तक पहुंच गया था। परंतु कोरोना के कारण पिछले दो-ढाई माह में रानी बाग को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके कारण रोज डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हो रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification
कोरोना के कारण रानी बाग को डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान

कोरोना के कारण रानी बाग को डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान

मुंबई. कोरोना के कारण पिछले ढाई महीने से लागू लॉकडाउन की वजह से भायखला स्थित रानी बाग पर्यटकों के लिए बंद रखा गया है। इसका असर रानी बाग की आमदनी पर भी हो रहा है। रानी बाग में हजारों की संख्या में रोज आने वाले पर्यटकों से मिलने वाली आमदनी बंद हो गई है। इसके कारण पिछले ढाई महीने में तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह जानकारी रानी बाग के संचालक डॉ. संजय त्रिपाठी ने दी।

गौरतलब है कि रानी बाग में मार्च 2017 में पेंग्विन आने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या हजारों में बढ़ी है। इसके कारण रानी बाग की आमदनी भी बढ़ी है। पहले प्रतिदिन 15 से 20 हजार रुपए की कमाई बढ़कर एक लाख से छह लाख तक बढ़ गई थी। औसतन प्रतिदिन कमाई डेढ़ लाख और महीने में औसतन 45 लाख तक पहुंच गया था। परंतु कोरोना के कारण पिछले दो-ढाई माह में रानी बाग को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके कारण रोज डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हो रहा है।

रानी बाग में डॉक्टरों को लेकर संजय त्रिपाठी ने बताया कि रानी बाग में काम करने वाले कुछ डॉक्टर-कर्मचारी मुंबई से बाहर से आते हैं। लॉक डाउन के कारण इन कर्मचारियों को रोज दूर से आना संभव नहीं हो पाता। परंतु प्राणी और पक्षियों की देखरेख में रूकावट भी नहीं डाली जा सकती। इसलिए 25 डॉक्टर-कर्मचारी पिछले दो माह से रानी बाग में ही रह रहे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिग, सैनेटाइजेशन और अन्य आवश्यक सतर्कता कर्मचारियों की ओर से बरती जा रही है।