21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जैन संत के अंतिम संस्कार के लिए लगाई 11 करोड़ की बोली

संत प्रेमसूरजीस्वामी 97 वर्ष के थे और अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों के मुताबिक, वृद्ध अवस्था में होने वाली स्वास्थ्य सम्बंधी बीमारियों की वजह से उनका निधन हुआ।

2 min read
Google source verification

मुंबई. जैन समुदाय अपने संतों की अंतिम विदाई को एक महान अवसर के रूप में मनाता है। यही वजह है कि उनके निधन पर अंतिम संस्कार के लिए बड़ी बोली लगाई जाती है। इसी कड़ी में मुंबई में जैन समुदाय के पांच लोगों ने संत प्रेमसूरजीस्वामी के निधन पर अंतिम संस्कार के लिए 11 करोड़ रुपए दान कर नया रिकॉर्ड बनाया।

97 साल के थे संत

जैन संत प्रेमसूरजीस्वामी 97 वर्ष के थे और अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों के मुताबिक, वृद्ध अवस्था में होने वाली स्वास्थ्य सम्बंधी बीमारियों की वजह से उनका निधन हुआ। उन्होंने अपने जीवन काल में कई परिवारों को शांति की शिक्षा दी।

धार्मिक गतिविधियों में इस्तेमाल अंतिम विदाई के वक्त एकत्र हुए रुपए का इस्तेमाल जैन समुदाय धार्मिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता है।

मदविजय की अंतिम विदाई में 7 करोड़

पहले भी जैन समुदाय के लोग संतों के अंतिम संस्कार में अच्छी खासी रकम देते आए हैं। लेकिन इस बार की रकम ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इससे पहले जुलाई में जैन समुदाय के संत मदविजय की मध्यप्रदेश में अंतिम विदाई के वक्त 7 करोड़ रुपए एकत्र हुए थे।

11 करोड़ 11 लाख 11 हजार 11 सौ 11 रुपए किए दान

रविवार को वाल्के श स्थित बाबू पन्नालाल जैन मंदिर में महज 3 घंटे में पांच लोगों ने दिए 11 करोड़ रुपए। इनमें एक डॉक्टर, एक बिल्डर और तीन बिजनेसमैनस ने 11 करोड़, 11 लाख, 11 हजार, 11 सौ 11 रुपए दान के रूप में दिए। जिस जगह पर अंतिम संस्कार हुआ वहां जैन मंदिर बनाने की योजना है।

300 किलो चंदन की लकड़़ी

संत की अंतिम यात्रा बाबू पन्नालाल जैन मंदिर से ही शुरू हुई थी। एक पालकी में संत की अंतिम यात्रा के लिए एक पालकी का इंतेजाम किया गया था और साथ ही 300 किलो चंदन की लकड़ी लाई गई थी। संत की लिए अंतिम प्रार्थना की शुरुआत शाम 4.30 बजे शुरू हुई थी।

ये भी पढ़ें

image