इसके बाद मोनो रेल के उप
अभियंता और जनसूचना अधिकारी ने अनिल गलगली को बताया कि 2 फरवरी 2014 को मोनो रेल की
शुरूआत हुई है। इस पर कुल 2290 करोड़ रूपये खर्च किया गया है, जबकि कुल 2716 करोड़
रूपये अपेक्षित था। मेसर्स स्कोमी इंजीनियरिंग बीएचडी, मलेशिया समूह (एलटीएसई) और
मेसर्स लार्सन एंड टुब्रो, इंडिया इन कंपनियों को 2290 करोड़ रूपये चुकाया गया है।