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एक तस्वीर और फेल हो गई 18 करोड़ की डील… आर्यन खान मामले में ऐसे फंसे समीर वानखेड़े

Sameer Wankhede Aryan Khan Case: समीर वानखेड़े पर आरोप है कि उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन को क्रूज ड्रग मामले में नहीं फंसाने के बदले कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 16, 2023

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क्रूज पर रेड में ऐसे फंस गए सचिन वानखेड़े

Sameer Wankhede Case: कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार करने वाले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सीबीआई (CBI) ने समीर वानखेड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। वानखेड़े पर आरोप है कि उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन को क्रूज ड्रग मामले में नहीं फंसाने के बदले 25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।

रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीबी दफ्तर से आर्यन खान की एक तस्वीर अगर सामने नहीं आई होती तो शायद ही इस मामले का खुलासा होता। दरअसल इस सेल्फी के वायरल होने के बाद से ही समीर वानखेड़े की परेशानी बढ़ती चली गई. इसके बाद ही आर्यन केस में छापेमारी में फर्जी अफसर होने, झूठे गवाह बनाने और आर्यन खान पर गलत आरोप लगाने का मामला सामने आया। यह भी पढ़े-त्र्यंबकेश्वर मंदिर में मुस्लिम युवकों ने की चादर चढ़ाने की कोशिश, महाराष्ट्र सरकार हुई सख्त, SIT जांच के आदेश


फोटो में क्या था?

करीब दो साल पहले जब आर्यन खान को एनसीबी ने हिरासत में लिया था, तब आर्यन के साथ केपी गोसावी की एक सेल्फी सामने आई थी। इसके वायरल होने पर राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना गया था। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इस सेल्फी के बाद समीर वानखेड़े के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मलिक ने जांच एजेंसी पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि एनसीबी अधिकारी न होते हुए भी गोसावी कैसे एनसीबी ऑफिस में जाकर एक आरोपी के साथ सेल्फी ले सकता हैं। इस सेल्फी कांड के बाद समीर वानखेड़े की जांच पर उंगली उठने लगी, कई तरह के आरोप लगने लगे।

किरण गोसावी और उसका साथी सैमुअल डिसूजा आर्यन मामले में गवाह थे, लेकिन वानखेड़े की अगुवाई वाली जांच टीम में दोनों किसी एनसीबी अधिकारी की तरह शामिल नजर आये थे। आर्यन और उनके दोस्तों को केपी गोसावी की निजी कार में एनसीबी दफ्तर लाया गया था। साथ ही केपी गोसावी और उनके साथियों को किसी भी समय एनसीबी कार्यालय आने की परमिशन थी। इसलिए वह आर्यन से हिरासत में बात करता था और उसके साथ सेल्फी खिंची थी। कथित तौर पर गोसावी को ही पैसे 'उगाही' की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।


25 करोड़ की मांगी रिश्वत

एनसीबी के विशेष जांच दल द्वारा जब आर्यन खान मामले की जांच की गई तो चौंका देने वाले खुलासे हुए। आरोप है कि एनसीबी की तरफ से गोसावी ने शाहरुख से 25 करोड़ की रिश्वत मांगी थी। आर्यन को इस केस से सुरक्षित निकालने के लिए शाहरुख से 25 करोड़ की डिमांड की थी। लेकिन डील 18 करोड़ रूपये में फाइनल हुई।

वानखेड़े ने जांच में गड़बड़ी की

समीर वानखेड़े पर लगे आरोपों की जांच वरिष्ठ एनसीबी अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह की अगुवाई वाली एनसीबी विजिलेंस टीम ने की और पिछले साल रिपोर्ट डायरेक्टर को सौंपी। जिसमें आरोप लगाया था कि वानखेड़े और उनकी टीम के कुछ अधिकारियों ने क्रूज ड्रग मामले में गिरफ्तार किए गए आर्यन खान केस में भारी अनियमितता बरती। आर्यन को हिरासत में लेने के बाद उसका फोन तक जब्त नहीं किया गया था। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि वानखेड़े ने अपनी विदेश यात्रा के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

एनसीबी कमेटी ने 11 मई को अपनी रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी। इसके एक दिन बाद ही समीर वानखेड़े के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीबीआई कब इस कथित षड्यंत्र में शामिल समीर वानखेड़े को गिरफ्तार करेगी।

25 करोड़ मांगे, 18 करोड़ में डील पक्की हुई

सीबीआई द्वारा दायर मामले में कहा गया है कि किरण गोसावी और सैमुअल डिसूजा ने समीर वानखेड़े के कहने पर अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन को छोड़ने करने के लिए उसके परिवार से 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। बाद में शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी के साथ 18 करोड़ रुपये में समझौता हुआ था। इसमें से 50 लाख रुपये भी गोसावी और डिसूजा ने ले लिए थे। हालांकि, जब गोसावी की तस्वीर आर्यन के साथ वायरल हुई और उनके एनसीबी अधिकारी नहीं होने का खुलासा हुआ तो आर्यन को छोड़ने की डील फेल हो गई। भंडाफोड़ होने पर पूजा ददलानी को 50 लाख रुपये में से कथित तौर पर 38 लाख वापस कर दिए और 12 लाख यह कहते हुए वापस नहीं किये कि ये पैसा समीर वानखेड़े के पास पहुंच चुका है।

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, मामले में स्वतंत्र गवाह केपी गोसावी तथा प्रभाकर सैल को वानखेड़े के निर्देश पर क्रूज पर 2 अक्टूबर 2021 को मारे गए छापे में एनसीबी ने शामिल किया था। प्रभाकर सैल की मौत हो चुकी है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि आर्यन को छोड़ने के लिए गोसावी तथा डिसूजा ने राशि पर बातचीत की और इसे घटा कर 18 करोड़ रुपये किया। साथ ही उन्होंने 50 लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर ले भी लिए थे।

आर्यन खान को मिली ‘क्लीन चिट’

मालूम हो कि एनसीबी द्वारा 3 अक्टूबर 2021 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किए गए आर्यन खान को 25 दिन जेल में बिताने के बाद 28 अक्टूबर 2021 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। एनसीबी ने 27 मई 2022 को आर्यन खान को ‘क्लीन चिट’ देते हुए 14 आरोपियों के खिलाफ मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।

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