1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘सनम बेवफा’ के डायरेक्टर सावन कु मार टाक का निधन

लंबे समय से थे बीमार, हार्ट अटैक ने ली जान 19 से ज्यादा फिल्में बनाने वाले टाक थे अविवाहित कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में ली आखिरी सांस

2 min read
Google source verification
‘सनम बेवफा’ के डायरेक्टर सावन कु मार टाक का निधन

‘सनम बेवफा’ के डायरेक्टर सावन कु मार टाक का निधन

मुंबई. फिल्म निर्माता-निर्देशक सावन कुमार टाक का गुरुवार शाम चार बजे निधन हो गया। कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। गंभीर हालत में उन्हें बुधवार को अस्पताल में भर्ती किया गया था। 19 से ज्यादा फिल्में बना चुके 86 वर्षीय टाक अविवाहित थे। उनके परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं। उनके भतीजे नवीन ने बताया कि वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। फेफड़े में संक्रमण के चलते सांस लेने में दिक्कत थी। उनका दिल भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। टाक की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई।

बतौर निर्माता उनकी पहली फिल्म ननिहाल 1967 में आई थी, जिसमें संजीव कु मार लीड रोल में थे। 1972 में रिलीज गोमती किनारे उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म है, जो अभिनेत्री मीना कु मारी की आखिरी फिल्म थी। बेवफा, साजन बिना सुहागन और सौतन उनकी प्रमुख फिल्में हैं। समन बेवफा का निर्देशन उन्होंने किया था, जिसमें सलमान खान मुख्य किरदार में हैं। सलमान सहित कई फिल्म सेलिब्रिटी ने उनके निधन पर शोक जताया है।

‘जिंदगी प्यार का गीत है’ सहित दर्जनों गीत आज भी लोकप्रिय
9 अगस्त 1936 को जयपुर में जन्मे सावन कुमार ने बतौर प्रोडयूसर 1972 में संजीव कुमार की ‘ननिहाल’ से शुरूआत की थी। वर्ष 1972 में फिल्म ‘गोमती के किनारे’ बनाई। जिसमें मीना कुमारी ने आखिरी बार अभिनय से सजाया था। वर्ष 1973 में शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम के अभिनय से सजी फिल्म ‘सबक’ का ‘बरखा रानी जरा जम कर बरसो’ गीत जबरदस्त हिट हुआ। वर्ष 2004 में आई फिल्म देव के सभी गीत खूब लोकप्रिय हुए।

उनके लोकप्रिय गीतों में सौतन फिल्म का ‘जिंदगी प्यार का गीत है’ शामिल है। वहीं ‘सौतन की बेटी’ का ‘हम भूल गए हर बात’ गीत आज भी चाव से सुना जाता है। लता मंगेशकर के मखमली सुरों से सजा ‘बेवफा से वफा’ फिल्म का गीत ‘ये दिल बेवफा से वफा कर रहा है’ भी हिट रहा।

सिने दुनिया को सावन कुमार की भेंट

1972 गोमती के किनारे
1974 हवस
1977 अब क्या होगा
1978 साजन बिना सुहागिन
1980 ओह बेवफा
1981 साजन की सहेली
1983 सौतन
1984 लैला
1986 प्रीती
1978 प्यार की जीत
1989 सौतन की बेटी
1991 सनम बेवफा
1992 बेवफा से वफा
1993 खलनायिका
1994 चांद का टुकड़ा
1995 सनम हरजाई
1997 सलमा पे दिल आ गया
1999 मदर
2003 दिल परदेसी हो गया
2006 सावन...द लव सीजन