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Sanjay Raut Arrested: जानें संजय राउत की गिरफ्तारी से शिवसेना को कितना होगा नुकसान, कैसे उद्धव ठाकरे की बढ़ी परेशानियां

मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ गयी है। आज पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 4 अगस्त तक ईडी की रिमांड में भेज दिया है। इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे जिस तरह से संजय राउत की गिरफ्तारी के बाद से सक्रिय हैं, उससे साफ है कि शिवसेना के लिए यह मसला कितना गंभीर है।

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Sanjay Raut and Uddhav Thackeray

मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ गयी है। आज पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 4 अगस्त तक ईडी की रिमांड में भेज दिया है। इसके बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में हंगामा मच गया है। एक तरफ ईडी संजय राउत का मेडिकल कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया तो वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे उनके घर पर गए थे। उद्धव ठाकरे संजय राउत के परिजनों से मुलाकात किए।

वहीं, दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने संजय राउत पर तंज कसते हुए कहा है कि अब रोज सुबह 8 बजे बजने वाला भोंपू बंद हो गया है। इससे पहले भी सीएम शिंदे ने कहा था कि जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। एक दिन पहले ईडी ने राउत के मुंबई के भांडुप में स्थित ‘मैत्री’ आवास पर छापेमारी की और 9 घंटे तक तलाशी लेने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह भी पढ़ें: Sawan 2022: महाराष्ट्र में भगवान शिव के इस मंदिर का पांडवों ने एक ही रात में किया था निर्माण, ऐसा है यहां का शिवलिंग

बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे जिस तरह से संजय राउत की गिरफ्तारी के बाद से सक्रिय हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि शिवसेना के लिए यह मसला कितना गंभीर है। संजय राउत को उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी नेताओं में माना जाता है। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी संग सरकार बनाने को लेकर मतभेदों की बात हो या फिर एकनाथ शिंदे गुट की बगावत के दौरान वह सुर्खियों में रहे थे। संजय राउत की तरफ से लगातार बयान आ रहे थे और उनकी आवाज को उद्धव ठाकरे की बात के तौर पर देखा जाता था।

एकनाथ शिंदे खेमा भी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की बजाय संजय राउत पर ही सीधे हमले करता रहा है और उद्धव ठाकरे को भ्रमित करने के भी आरोप लगाता रहा है। इससे समझा जा सकता है कि संजय राउत का शिवसेना में क्या कद है। कुछ दिनों पहले संजय राउत ने 'सामना' के लिए उद्धव ठाकरे का एक इंटरव्यू भी लिया था, जिसमें उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह जन्म देने वाली मां को ही खाने वाले हैं। उद्धव ठाकरे अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की तरह आक्रामक बयान नहीं देते हैं, लेकिन संजय राउत एक कट्टर और तेजतर्रार शिवसैनिक को भूमिका में हमेशा नजर आए हैं। इसीलिए संजय राउत को शिवसेना की आधिकारिक आवाज भी माना जाता रहा है।

इस बीच संजय राउत की गिरफ्तारी पर बोलते हुए शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि कोई भी ठाकरे फैमिली को खत्म नहीं कर सकता। संजय राउत की गिरफ्तारी हमारी आवाज को दबाने की एक कोशिश है। रविवार को ईडी ने संजय राउत के घर से 11.50 लाख रुपये जब्त किए थे। राउत की गिरफ्तारी पर शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने प्रेस वार्ता कर बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब हमारा वक्त आएगा तो सोचिए आपका क्या होगा।

बता दें कि एकनाथ शिंदे गुट की बगावत के दौरान रोजाना संजय राउत मीडिया द्वारा या फिर ट्विटर के माध्यम से उन पर हमला बोलते थे। पार्टी में दोफाड़ होने की स्थिति में भी संजय राउत ही अकेले ऐसे बड़े नेता हैं, जो उद्धव और आदित्य ठाकरे के बाद नजर आते हैं। ऐसे में ईडी की ओर से राउत की गिरफ्तारी किया जाना उद्धव ठाकरे के बेहद करीब जाकर हमला करने जैसा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बगावत से लेकर सरकार गंवाने तक का संकट झेल रही शिवसेना अब कैसे अटैक करती है। संजय राउत ने झुकूंगा नहीं कहकर अपने इरादे पहले ही बता दिया हैं।

संजय राउत की गिरफ्तारी से उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ गई है। इससे शिवसेना को भी बड़ा नुकसान हो सकता है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि संजय राउत पर गर्व है। संजय राउत सच्चे शिव सैनिक हैं। 'पुष्पा' में एक डायलॉग है- 'झुकेगा नहीं'। लेकिन असली शिवसैनिक जो झुकेगा नहीं वो संजय राउत हैं।

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