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Mumbai: नाबालिग को ‘आजा आजा’ कहना भी यौन उत्पीड़न, कोर्ट ने सुनाई सजा

Mumbai Dindoshi News: पुलिस ने आरोपी को सितंबर 2015 में गिरफ्तार कर लिया और मामला कोर्ट में पहुंचा। इस दौरान मार्च 2016 में आरोपी को जमानत मिल गई। हालांकि दोषी साबित होने पर आरोपी ने रहम की मांग की।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 19, 2023

Man arrested for doing obscene act in front of student

लड़की के सामने अश्लील हरकत करने वाला शख्स गिरफ्तार

Mumbai Crime News: मुंबई की एक सत्र अदालत ने नाबालिग लड़की का पीछा करने और उस पर कमेंट पास करने वाले शख्स को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दोषी ठहराया है। शहर की डिंडोशी सत्र अदालत (Dindoshi Sessions Court) ने लड़की का पीछा करने और उसे बार-बार 'आजा आजा' कहना यौन उत्पीड़न माना है। इस मामले में अदालत ने 32 वर्षीय व्यक्ति को पॉक्सो एक्ट के तहत अपराधी करार देते हुए सजा सुनाई है।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना सितंबर 2015 की है, जब पीड़िता की उम्र 15 साल थी और वह दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। अदालत के सामने पेश होने पर लड़की ने बताया था कि जब वह पैदल चलकर अपने फ्रेंच ट्यूशन के लिए जा रही थी, तो आरोपी ने साइकिल से उसका पीछा किया था और उसे बार-बार 'आजा आजा' कहा।

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पीड़ित लड़की ने बताया कि आरोपी उसे कई दिनों तक ऐसे परेशान कर रहा था। हालांकि पहले ही दिन उसने एक राहगीर से मदद लेने की कोशिश की थी। आरोपी का पीछा भी किया गया, लेकिन वह अपनी साइकिल पर भाग गया। जिसके बाद पीड़िता ने सारी बात अपने ट्यूशन टीचर और अपने माता-पिता को बताई। इस बीच, उसे पता चला कि आरोपी पास की ही एक इमारत में रात में वाचमैन (चौकीदार) का काम कर है, जिसकी जानकारी लड़की ने मां को दी। फिर मां ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने आरोपी को सितंबर 2015 में गिरफ्तार कर लिया और मामला कोर्ट में पहुंचा। इस दौरान मार्च 2016 में आरोपी को जमानत मिल गई। हालांकि दोषी करार दिए जाने पर आरोपी ने रहम की मांग की और अदालत से कहा कि वह गरीब है और उसकी पत्नी और तीन साल का बच्चा है। जिस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.जे. खान न सितंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच जो समय उसने जेल में विचाराधीन कैदी के तौर पर बिताया था उसे सजा के तौर पर माना। यानी कोर्ट ने दोषी को उस अवधि (जब उसे गिरफ्तार किया गया था और जब उसे जमानत मिली थी) की सजा सुनाई।