
अजित पवार और शरद पवार
Sharad Pawar Ajit Pawar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार और पार्टी के कुछ विधायकों के बीजेपी के साथ जाने की अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कड़ा रुख अपनाया है। एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने उनके द्वारा स्थापित पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि पवार ने यह टिप्पणी अपने भतीजे अजित के अगले राजनीतिक कदम के बारे में जारी जोरदार चर्चा की पृष्ठभूमि में कही है।
रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए एनसीपी सुप्रीमो ने कहा, 'कल अगर कोई पार्टी (एनसीपी) को तोड़ने की कोशिश कर रहा है तो यह उसकी रणनीति है। अगर हमें कोई स्टैंड लेना पड़ेगा तो हम उसे मजबूती से लेंगे।" हालांकि एनसीपी प्रमुख ने विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा, ''इस बारे में अभी बात करना सही नहीं है क्योंकि हमने इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की है।“ यह भी पढ़े-‘शिंदे सरकार का डेथ वारंट तैयार, बस 15 दिन और...’, संजय राउत ने किया सनसनीखेज दावा
पवार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिवसेना को सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य ठहराया है। पवार ने यह टिप्पणी शिवसेना के 16 विधायकों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहराए जाने पर अजित पवार को एनसीपी से अलग करने की अफवाह के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में की।
शरद पवार ने पहले महाविकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन में यह कहकर मामले को शांत करने की कोशिश की थी कि अजित पवार को लेकर जो दावे किये जा रह है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है। अजित पवार के बीजेपी में जाने की संभावना के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा था कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है और अजित चुनाव कार्यक्रम में व्यस्त है।
सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ तालमेल बिठाने की खबरों के बीच छोटे पवार ने शुक्रवार को कहा था कि वह "100 प्रतिशत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनना पसंद करेंगे।" उन्होंने साथ ही कहा था कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का इंतजार किये बिना अब भी एनसीपी सीएम पद के लिए दावा पेश कर सकती हैं। यह भी पढ़े-'मैं किसी के बाप से नहीं डरता', अजित पवार और संजय राउत में बढ़ी रार
हाल ही में एनसीपी छोड़ने की ख़बरों पर दिग्गज नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, “मेरे बारे में फैली अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। मैं एनसीपी के साथ हूं और पार्टी के साथ रहूंगा। मैंने किसी विधायक के हस्ताक्षर नहीं लिए हैं। अब सभी अफवाहें बंद होनी चाहिए।”
क्यों फैली बगावत की खबर!
शरद पवार की पार्टी एनसीपी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की घटक है, जिसमें शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कांग्रेस भी शामिल हैं। दरअसल अजित पवार के अगले राजनीतिक कदम के बारे में अटकलें तब शुरू हुईं जब उन्होंने अचानक अपनी निर्धारित बैठकें रद्द कर दीं। तब उन्होंने कई ऐसी टिप्पणियां कीं जो बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे के प्रति नरम रुख दिखाती है। शुक्रवार को मुंबई में एनसीपी का एक दिवसीय कन्वेंशन हुआ, लेकिन उसमें अजित पवार नहीं गए।
शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने इन अटकलों को यह कहकर और बढ़ा दिया कि शरद पवार ने हाल ही में उद्धव ठाकरे से मुलाकात के दौरान कहा था कि उनकी पार्टी कभी भी बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएगी, भले ही उनकी पार्टी के विधायक चले जाये। जो बीजेपी में शामिल भी होंगे तो यह उनका निजी फैसला होगा।
मालूम हो कि एमवीए के गठन की चर्चा के बीच 2019 में अजित पवार ने महाराष्ट्र में अल्पकालिक सरकार बनाते हुए रातोंरात बीजेपी के दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ हाथ मिलाया था। तब फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि यह सरकार तीन दिन में ही गिर गई।
Published on:
24 Apr 2023 12:46 pm
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