जयंत पाटिल ने कहा, "मैंने पिछले सात सालों में एक भी दिन छुट्टी लिए बिना पार्टी के लिए काम किया है। मेरे कई साथी चले गए, लेकिन मैंने शरद पवार साहब के प्रति वफ़ादार रहना चुना।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में मंगलवार को बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला। पार्टी प्रमुख शरद पवार ने शशिकांत शिंदे को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इसी बैठक में यह फैसला लिया गया और शिंदे की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा भी की गई।
इस बदलाव के साथ ही पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए भावनात्मक भाषण दिया। उन्होंने कविता के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इस वजह से वहां मौजूद कई कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गईं।
जयंत पाटिल भावुक होते हुए बोले, "भले ही मेरे सभी सहकर्मी चले गए, लेकिन मैंने साहब (शरद पवार) के प्रति वफादार रहने का फैसला किया। मैंने बीते सात वर्षों में एक भी छुट्टी नहीं ली। मैंने अपनी पत्नी को भी इसके बारे में बताया है।" उन्होंने आगे बताया कि वे 2633 दिनों तक प्रदेश अध्यक्ष रहे और इस दौरान पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे।
जयंत पाटिल के नेतृत्व में एनसीपी शरद पवार गुट ने पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ा था। लोकसभा में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में निराशा हाथ लगी। इसके बाद शरद पवार ने संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए शशिकांत शिंदे को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
63 वर्षीय पाटिल 2018 से अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हैं। जुलाई 2023 में अजित पवार और अन्य विधायकों के बगावत के बाद वह शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट में उसी पद पर बने रहे। हालांकि 10 जून को एनसीपी के 26वें स्थापना दिवस पर पाटिल ने पार्टी प्रमुख शरद पवार की मौजूदगी में पद छोड़ने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था, ‘‘पवार साहब ने मुझे बहुत मौके दिए। मुझे सात साल के लिए ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, पार्टी के लिए अब नए चेहरों को मौका देना जरूरी है।’’ इसपर पार्टी कार्यकर्ताओ ने भावुक होते हुए उनसे पद पर बने रहने की अपील की थी।