
CM Eknath Shinde And Deputy CM Devendra Fadnavis
महाराष्ट्र में शिंदे सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया गया हैं। महाराष्ट्र सरकार के सभी सरकारी ऑफिस में 1 अप्रैल से 'ई-ऑफिस' प्रणालीकी शुरूआत की जाएगी। ये एलान गुरुवार को सीएम एकनाथ शिंदे ने की। शिंदे ने कहा कि इससे महाराष्ट्र के सरकारी दफ्तरों में प्रशासनिक काम को और अधिक गतिशील एवं पेपरलेस बनाया जाएगा। एक बार जब सभी ऑफिस 'ई-ऑफिस' का इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे, तो कार्यशील फाइलें और डाक्यूमेंट्स मोबाइल फोन पर भी देखे और स्वीकृत किए जा सकते हैं। इसके साथ ही सीएम शिंदे ने केंद्र की तर्ज पर राज्य में भी निर्णय के लिए सरकारी कामकाज की फाइलें अधिकतम चार स्तरों पर भेजने के आदेश प्रशासन को दिए हैं।
सीएम एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को केंद्रीय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के सचिव वी श्रीनिवास से मुलाकात के बाद यह एलान किया। सीएम शिंदे ने कहा की ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने से काम को जल्दी पूरा किया जा सकेगा और सारा काम पेपरलेस हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी ऑफिसो के ई-ऑफिस मोड पर आने के बाद अधिकारी मोबाइल पर सारी फाइल और डाक्यूमेंट्स देख सकेंगे। यह भी पढ़े: महाराष्ट्र: नाबालिग ने बलात्कार के बाद मासूम को उतारा मौत के घाट, ऐसे दिया घटना को अंजाम
बता दें कि सीएम शिंदे ने यह बात केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के सचिव वी श्रीनिवास के साथ मुख्यमंत्री आवास 'वर्षा' पर आयोजित बैठक के बाद कही। इस बैठक में मुख्य सचिव मनु कुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव सुजाता सौनिक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। शिंदे ने महाराष्ट्र में सुशासन नियमावली (गुड गवर्नेंस मैन्युअल) तैयार करने में प्रशासन का सहयोग करने के आदेश देते हुए भारत में सुशासन सूचकांक में दूसरे स्थान पर रहे महाराष्ट्र को पहले नंबर पर लाने का प्रयास करने के भी आदेश दिए।
फिलहाल सीएम शिंदे के पास निर्णय के लिए आने वाली फाइलें 8 अलग-अलग स्तरों से घूमती हुई आती हैं। इससे संबंधित विषयों की फाइलों पर फैसला लेने में देरी होती है। गतिशील कामकाज के लिए सीएम शिंदे ने फाइलों को अब केवल चार स्तरों से ही सीएम ऑफिस को भेजने के आदेश दिए।
ई-सेवा निर्देशांक में भी महाराष्ट्र को पहले नंबर पर लाने के लिए सीएम ने अधिकारियों से ई-सेवाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर देने को कहा। महाराष्ट्र में इस समय 450 सेवाएं ऑनलाइन प्रदान की जा रही हैं। सीएम शिंदे ने कहा कि यह जनता की सरकार है और सरकार से आम आदमी की उम्मीदों को पूरा करने के लिए जनता की शिकायतों के निवारण के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली लागू की जाएगी। इन शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। शिकायतों पर डिपार्टमेंट द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए एक अलग से डैश बोर्ड बनाया जाएगा।
फिलहाल में महाराष्ट्र में महज राज्य स्तर पर सुशासन की समीक्षा की जाती है। सीएम शिंदे ने कहा कि अब प्रत्येक सरकारी डिपार्टमेंट और हर जिले की सुशासन रैंकिंग की जाएगी। सीएम ने शासकीय विभागों और महाराष्ट्र के हर जिले के प्रशासन द्वारा प्रदान की जाने वाली शासकीय सेवाओं एवं सुशासन की रैंकिंग निर्धारित करने के आदेश दिए हैं। शिंदे ने कहा कि सुशासन की रैंकिंग न केवल विभागों और जिलों में प्रतिस्पर्धा पैदा करेगी बल्कि लोगों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ाएगी।
Updated on:
02 Dec 2022 06:15 pm
Published on:
02 Dec 2022 06:14 pm
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