
Shiv Bhojan Thali Yojana
महाराष्ट्र में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। ठाकरे सरकार जाने बाद अब उनके द्वारा लिए गए कई फैसलों को शिंदे सरकार द्वारा समीक्षा किया जा रहा है। इसी बीच शिवसेना की 'शिव भोजन थाली योजना' (Shiv Bhojan Thali Scheme) की भी रिव्यु करने का निर्देश महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति रविंद्र चव्हाण ने दिया है। महाराष्ट्र की पिछली एमवीए सरकार में तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य में शिव भोजन थाली योजना की शुरुआत की थी। उद्धव ठाकरे ने इस योजना की दिल खोलकर तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा था इस योजना से गरीबों को भी भोजन की गांरंटी मिल रही है। जिसके तहत कम दाम पर लोग इस योजना का फायदा उठा रहे हैं।
लेकिन सरकार बदलते ही अब ये योजना संकट में आती हुई नजर आ रही है। एमवीए सरकार ने सत्ता में आते ही राज्य की गरीब जनता के लिए 10 में शिव भोजन थाली योजना शुरू की थी। कोरोना महामारी की वजह से राज्य सरकार ने इसकी कीमत घटाकर 5 रुपये कर दी थी, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोग भूखे न रहें। राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही इस योजना में अब तक करीब 2 करोड़ थाली लोगों को वितरित करने का दावा सरकार द्वारा किया गया था। यह भी पढ़ें: Mumbai News: नवरात्रि के पहले दिन मुंबा देवी मंदिर में लगा भक्तों का मेला, जानें कितने बजे तक कर सकते हैं दर्शन
बता दें कि 24 सितंबर 2022 तक के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में करीब 1699 भोजन केंद्र हैं जिसमें से लगभग 1549 भोजन केंद्रों पर शिव भोजन थाली दी जाती है। राज्य में 188463 थाली को बांटने का इजाजत मिली है। फिलहाल 145591 शिव भोजन थालियां ही कस्टमर को मुहैया कार्रवाई जा रही है। कोरोना महामारी में राज्य सरकार ने इस थाली की कीमत 5 कर दिया था। हालांकि पिछले साल अप्रैल से यह थाली लोगों को फ्री में दी जाने लगी थी। लेकिन जब कोरोना का असर कम हुआ तब फ्री में थाली देने का निर्णय राज्य सरकार ने वापस ले लिया था।
इसके बाद में यह थाली लोगों को फिर 10 रुपए में मिलने लगी। शहरी इलाकों में इस थाली की कीमत 50 और ग्रामीण इलाकों में थाली के दाम 35 रुपए कर दिए गए थे। जिसमें से 10 रुपए कस्टमर को अपनी जेब से देने पड़ते थे, बाकी के रुपए सरकार के खजाने में से भरा जाता है। शिव भोजन थाली को लेकर महाराष्ट्र सरकार को कुछ शक है। शिंदे सरकार को यह लगता है कि इस योजना के भीतर कोई घोटाला हुआ है, जिसकी जांच होनी चाहिए। जिसकी वजह से इस योजना की भी समीक्षा करने की बात सामने आ रही है।
राज्य सरकार द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि इस योजना में अपने करीबी कांट्रेक्टर को ठेके दिए गए हैं। योजना की रिव्यु के साथ ही राज्य में अब इस बात की अटकलें भी तेज हो गई हैं कि गरीबों के पेट को भरने वाली ये योजना आने वाले समय में बंद भी किया जा सकता है। वहीं, दूसरी तरफ इस मामले पर शिवसेना के प्रवक्ता आनंद दुबे ने बताया कि एमवीए सरकार ने यह योजना गरीब जनता के लिए बनाया गया था। हालांकि नई सरकार अब पुरानी सरकार के ज्यादातर फैसलों को रद्द करने में लगी हुई है। हमारी मांग है कि नई सरकार को शिवसेना और उद्धव ठाकरे से खुलकर लड़ना चाहिए लेकिन उन्हें गरीब जनता के पेट पर लात नहीं मारनी चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि इस योजना में किसी भी प्रकार का कोई घोटाला हुआ है, तो उसकी जांच की जानी चाहिए।
Updated on:
26 Sept 2022 04:29 pm
Published on:
26 Sept 2022 04:28 pm
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