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मराठा आरक्षण को लेकर शिवसेना ने सीएम से मिल सौंपा ज्ञापन,वहीं सरकार को घेरती नजर आई कांग्रेस

मराठा समुदाय ने बुधवार से जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है...
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मुंबई

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Prateek Saini

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Updated: 31 Jul 2018, 8:57 PM IST

maharashtra cm

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(पत्रिका ब्यूरो,मुंबई): महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। मराठा समुदाय ने बुधवार से जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। आंदोलनकारियों को सीएम देवेन्द्र फडनवीस के आश्वासन पर भरोसा नहीं है क्योंकि उन पर लगे मुकदमे वापस नहीं लिए गए हैं। आंदोलनकारियों ने 9 अगस्त को फिर विशाल रैली आयोजित करने की घोषणा की है। इस रैली के मार्फत आंदोलनकारी खुद की ताकत साबित कर देंगे।


इसके अलावा आज विरोधी दल भी मराठा आरक्षण के समर्थन में नजर आए। मराठा आरक्षण के समर्थन में जहां कांग्रेस सीएम देवेंद्र फडनवीस को घेरती नजर आई, वहीं शिवसेना नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे का जल्द हल निकालने और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का ज्ञापन सौंपा।


मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने कहा था कि महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के रिपोर्ट सौंप देने के बाद मराठाओं को आरक्षण के लिए कानून बनाने अथवा प्रस्ताव पारित करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इस पर शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करने की जरुरत नहीं है और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तुरंत विधानसभा का सत्र आहूत किया जाए। सामना ने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा है कि राम मंदिर के मुद्दे पर कई लोगों के जान गंवाने के बावजूद केस आज भी अदालत में ही है। ठीक वैसे ही हालात मराठा आरक्षण को लेकर भी बनते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र में उठी इस आग पर काबू पाने के लिए सत्ताधारियों को हल जरूर निकालना होगा और इसके लिए 56 इंच के सीने की जरूरत है।


इस बीच विधान भवन में मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण के नेतृत्व में आयोजित बैठक में कांग्रेसी विधायकों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मराठा आरक्षण को लेकर राज्य भर में कई जगह प्रदर्शन हुए और कुछ लोगों ने आत्महत्या कर ली। कई नेता इस्तीफा दे चुके हैं फिर भी सरकार ठोस निर्णय नहीं ले सकी। राज्य भर में फैली हिंसा और नुकसान की जवाबदेही भाजपा सरकार की है। फडनवीस सरकार यदि जल्दी फैसला नहीं करती तो उन्हें सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए तैयार रहना होगा।

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