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क्या महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भी रामजी ही लगाएंगे बेड़ा पार या फिर होगा…?

Maharastra Election : भाजपा के साथ युति की घोषणा में देरी से उद्धव ठाकरे नाराज सभी 288 सीटों पर अकेले चुनाव लडऩे के लिए शिवसेना तैयार भाजपा नेता गिरीश महाजन ने दिया गठबंधन की घोषणा में विलंब का संकेत

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मुंबई. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा-शिवसेना की युति में पेच फंस गया है। इस कारण भाजपा की ओर से युति की घोषणा में देरी हो रही है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि जल्दी युति की घोषणा नहीं हुई तो शिवसेना राज्य की सभी 288 सीटों पर चुनाव लडऩे के लिए तैयार है। मिली जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 19 सितंबर को भाजपा-शिवसेना के बीच युति की घोषणा होने वाली थी, जिसे टालने के संकेत मिले हैं। इस पर उद्धव ने नाराजगी जताई है।

भाजपा नेता गिरीश महाजन ने कहा कि युति की घोषणा 19 को होगी, ऐसा लगता नहीं है। क्योंकि हमारे बीच अभी सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है। जब तक बात पूरी नहीं हो जाती है, तब तक कुछ कहना मुश्किल है। भाजपा के प्रति तल्खी का इजहार करते हुए उद्धव ने उम्मीद जताई कि दोनों दलों के बीच चुनावी गठबंधन हो जाएगा।

नहीं उजडऩे देंगे आरे

आरे कॉलोनी में मेट्रो रेल का कारशेड बनाने के लिए 2000 से ज्यादा पेड़ों का काटने की तैयारी के खिलाफ खड़े हुए आंदोलन को उद्धव ने अपना समर्थन दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास के नाम पर हरे पेड़ नहीं काटे जाने चाहिए। खासकर तब जबकि आरे के जंगल हमें शुद्ध ऑक्सीजन मुहैया कराते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को मेट्रो कारशेड के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले युवा सेना अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने आरे कॉलोनी में प्रस्तावित मेट्रो कारशेड की जगह का दौरा किया था। उन्होंने भी हरे पेड़ काटने का विरोध किया था।

राम मंदिर बनने की आस, पहली ईंट रखने को तैयार


उद्धव ने कहा कि शिवसैनिक राम मंदिर की पहली ईंट रखने के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार जो कुछ भी कर रही, उससे हमारी उम्मीद बढ़ी है। जिस तरह से जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 खत्म की गई है, उसी तरह का साहस राम मंदिर निर्माण के लिए भी सरकार को दिखाना चाहिए। उद्धव ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण श्रद्धा और हिंदुओं की अस्मिता का प्रश्न है। यह मुद्दा कभी नहीं छूटेगा।