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Shraddha Murder Case: लोकेशन, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और लापता होने की रिपोर्ट… ने ऐसे उठा आफताब के करतूतों से पर्दा

श्रद्धा वालकर मर्डर केस में आफ़ताब के करतूतों से पर्दा उठ गया हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली पुलिस ने जब एक साथ पूछताछ की तो आफ़ताब बयान बदलने लगा। आफताब ने वसई पुलिस को बताया की उसने श्रद्धा का मर्डर किया है और उसके शरीर के टुकड़ों को जंगलों में फेंक दिया।

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Shraddha Walker

श्रद्धा वालकर मर्डर केस में आफ़ताब के करतूतों से पर्दा उठ गया हैं। महाराष्ट्र पुलिस ने श्रद्धा वालकर के बचपन के दोस्त लक्ष्मण नाडर और सुबिन के बयान को बेहद गंभीरता से लिया। लक्ष्मण ने पुलिस को भरोसा दिलाया की श्रद्धा अक्सर उससे बात करती थी। लक्ष्मण के मुताबिक, श्रद्दा अचानक लापता हो गई। उसने किसी अनहोनी की संभावना भी जताई। लक्ष्मण नाडर ने यह बात श्रद्धा के पिता विकास वालकर को बताई। इसके बाद श्रद्धा के पिता ने मानिकपुर पुलिस स्टेशन में आकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

महाराष्ट्र के पालघर जिले को वसई पुलिस ने जब इस केस से जुड़े सभी लोगों के बयान दर्ज किए तो श्रद्धा के गुमशुदगी का कोई दुख या पछतावा आफताब को नहीं था। आफताब, श्रद्धा से केवल झगड़ा होने पर घर छोड़कर जाने की बात करता था। यह भी पढ़े: Mumbai News: श्रद्धा के हत्यारे आफताब के इरादों में था लव जिहाद? बीजेपी विधायक राम कदम ने खड़े किए सवाल

बता दें कि 26 अक्टूबर को वसई पुलिस ने आफताब का पहली बार बयान दर्ज किया था। इसी साल 14 मई को श्रद्धा और आफ़ताब छतरपुर के घर में शिफ्ट हुए थे। आरोपी आफताब ने अपने पहले बयान में बताया की 22 मई को झगड़े के बाद श्रद्धा अपना फोन लेकर घर छोड़कर चली गई थी। श्रद्धा का मोबाइल फोन 26 मई को बंद हुआ था। लेकिन वसई पुलिस ने जांच में पाया कि श्रद्धा का फोन 22 से 26 मई के बीच ऑनलाइन पैसे ट्रांसफ़र करने के लिए उपयोग हुआ था। इस दौरान श्रद्धा के बैंक अकाउंट से 54 हजार रुपये आफ़ताब के अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर हुए थे। जिस समय फोन से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हुआ फोन का लोकेशन छतरपुर ही था। इसी झूठ से आफताब की पोल खुल गई।

इसके बाद 11 नवंबर को जब वसई और दिल्ली पुलिस ने एक साथ पूछताछ की तो आफताब ने बताया कि उसे श्रद्धा का मोबाइल पासवर्ड पता था। उसने ही श्रद्धा के फ़ोन से पैसे ट्रांसफर किए थे। वहीं, वसई पुलिस के आफ़ताब के बताए हुए ठिकानों, दिल्ली का पता, लोकेशन की जाँच की और पता चला कि आफताब बहुत से बातें छिपा रहा है और पुलिस को गुमराह कर रहा है। आफताब ने 15 और 16 मई के दिन श्रद्धा के एटीएम से पैसे भी निकाले थे। वसई पुलिस को लगा की यह मामला किसी अनहोनी की तरफ संकेत दे रहा है। इसके बाद वसई पुलिस की एक टीम दिल्ली गई।

बता दें कि वसई और दिल्ली पुलिस ने जब एक साथ पूछताछ की तो आफ़ताब कई बार अपना बयान बदला। वसई पुलिस को आफताब ने बताया की उसने ही श्रद्धा खून किया है। शरीर के टुकड़ों को पहले काटकर फ्रीज में रखा और फिर जंगलों में फेंक दिया। इस जांच के लिए वसई पुलिस की एक टीम 8 से 13 नवंबर तक दिल्ली में रही और दिल्ली पुलिस को केस सौंपकर वापस लौटी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा के पिता को अपनी बेटी की तलाश करने में खास दिलचस्पी नहीं थी। श्रद्धा के पिता ने दिल्ली जाकर अपनी बेटी को तलाश करने या पुलिस थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास भी नहीं किया।