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विश्वामित्र महामुनि ज्ञानी, बसहीं विपिन शुभ आश्रम जानी

श्रीराम कथा: कथावाचक ने संतों की महिमा बताई

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Shriram Story: Narayan tells the glory of the saints

विश्वामित्र महामुनि ज्ञानी, बसहीं विपिन शुभ आश्रम जानी

कल्याण.


विश्वामित्र महामुनि ज्ञानी, बसहीं विपिन शुभ आश्रम जानी...विश्वामित्र जी महामुनि के साथ-साथ ज्ञानी भी थे। आश्रम में रहक भगवान श्रीराम की अराधना भी करते थे। महामंडलेश्वर महंत चंद्रदेव दास के सानिध्य में जय माई मंडल और रामायण मंडल के संयुक्त तत्वाधान कल्याण के कालातलाव स्थित श्रीराम मंदिर में हो रहे सात दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित रमेश चन्द्र मिश्रा की मधुर वाणी से रामकथा सुनकर स्रोता भाव विभोर हो गए. मुनि विश्वामित्र का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि संसार का हर व्यक्ति दुख का चिंतन करता है, कि उसका दु:ख कैसे दूर होगा। लेकिन वहीं संत और ऋषि-मुनि जगत के कल्याण के लिए चिंतन किया करते थे, ताकि विश्व का कल्याण हो। आज कोई किसी के बारे में यहां तक की पुत्र भी पिता के बारे में नहीं सोचता। उस युग में संत ऋषि-मुनि सम्पूर्ण ब्रम्हांड के कल्याण के लिए मनन किया करते थे। 15 दिसम्बर से 21 दिसम्बर तक चलने वाले इस रामकथा में महेंद्र मिश्रा और मानेंद्र मिश्रा का वाद्य बाजन और सुर-ताल की मोहक प्रस्तुति रही। आयोजक अनिल दुबे ने बताया श्री राम कथा में प्रमुख रूप से त्रिवेंद्रम (पिंटु) मिश्रा, आरआर तिवारी, दिनेश दुबे, राजेन्द्र मिश्रा, इंद्रदेव पाठक, जनार्दन पाठक, बृजेश मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा, संदीप पाठक, लाला उपाध्याय, डीडी शुक्ला, रामसेवक पांडे और धर्मराज तिवारी सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद थे। इस अवसर पर महामंडलेश्वर चंद्रदेव दास ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से लगातार रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। राम कथा के उपरांत आरती और महाप्रसाद का विरतण किया गया।