19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

SRA बिल्डिंगों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने का खुलासा

अवैध रूप से कराया गया कई इमारतों का रजिस्ट्रेशन बनाई गई इमारतें अभी भी पंजीकरण से कोसों दूर नागरिकों को गहरे संकट का करना पड़ सकता है सामना

2 min read
Google source verification
Patrika Pic

SRA बिल्डिंगों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने का खुलासा

- रोहित के. तिवारी
मुंबई. देश की आर्थिक नगरी मुंबई में एसआरए के तहत कई झोपड़पट्टियों के लिए बनाए गए इमारतों का सहकारी गृह निर्माण संस्था में रजिस्ट्रेशन नहीं होने की जानकारी मिली है। बिल्डरों ने कई इमारतों का पंजीकरण अवैध रूप से करा रखा है। झोपड़पट्टियों के पुनरविकास में बिल्डरों ने प्राइवेट बिल्डिंगों का रजिस्ट्रेशन वैध रूप से कराया है, लेकिन जो वास्तविक तौर पर झोपड़पट्टी धारक थे, उनके लिए बनाई गई इमारतें अभी भी पंजीकृत नहीं हुए हैं। भविष्य में इन इमारतों में रहने वाले नागरिकों को संकट का सामना करना पड़ सकता है।
एसआरए योजना के अंतर्गत झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए आने वाले सभी इमारतों का पंजीकरण आवश्यक है, लेकिन कई झोपड़ी धारकों के लिए बनी इमारतें पंजीकरण करने से बाकी है। बिल्डरों ने अपनी प्राइवेट इमारतों का पंजीकरण करा लिया है। सरकारी और प्राइवेट जमीन पर बनाई गईं इमारतों का पंजीकरण होना आवश्यक है।
अब तक तीन हजार इमारतों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, लेकिन एससआरए के तहत बनाई गई झोपड़ा मालिकों के बिल्डिंग का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। इसी कारण भविष्य में इन सोसायटी में रहने वालों को दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। यह भी जानकारी मिली है कि प्राइवेट बिल्डिंगों का रजिस्ट्रेशन भी गलत तरीके से कराया गया है। इमारत के पंजीकरण के संदर्भ में एससआरए प्राधिकरण की ओर से लोगों में जगारूकता का प्रयास नहीं होता है। लोगों में इसके विषय में जनजागृति जरूरी है। इसमें प्राधिकरण पूरी तरह से निष्क्रिय रहा।


संबंधित लोगों पर होगी कार्रवाई...
सहकारी गृह निर्माण संस्था के रूप में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए नियम कानून को ध्यान में रखना होता है। इस बात को जो नजरअंदाज करेगा और जो बिल्डर नागरिकों को अंधेरे में रखते हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। झोपड़पट्टी के वास्तविक नागरिकों के बिल्डर के साजिश का शिकार होने की जांच की जाएगी।
- राम मितकर, उप मुख्य अभियंता, एसआरए