31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Happy Teachers Day: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानें इसके पीछे की रोचक बातें

Shikshak Diwas 2023: शिक्षक दिवस (Teachers Day 2023) यह याद दिलाता है कि शिक्षक हमारे समाज के नेता, मार्गदर्शक, और शिक्षा के ख्यालक होते हैं, और हमें उनके सम्मान के प्रति सदैव आभारी रहना चाहिए।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Sep 05, 2023

happy_teachers_day_2023.jpg

शिक्षक दिवस 2023

Teachers Day History & Significance: ‘गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा गुरु साक्षात परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नमः।‘भारतीय संस्कृति में मां के बाद गुरु यानि शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है। जिस प्रकार एक मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार गुरु बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण और उन्हें सशक्त बनाने का काम करते हैं। छात्र के रूप में बच्चों के जीवन को सही दिशा देने में शिक्षक की बहुत बड़ी भूमिका होती है। इसलिए शिक्षकों के महत्व को समझाने और उनका सम्मान करने के लिए भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Happy Teachers Day 2023) मनाया जाता है।

भारत के दूसरे राष्ट्रपति व भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश के पहले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का जन्म आज के दिन 1888 में तमिनलाडु के तुर्माणी गांव में हुआ था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान से एक अलग पहचान बनाई थी। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र के जिला परिषद स्कूलों में होगी हजारों शिक्षकों की भर्ती, शिक्षा विभाग से मिली हरी झंडी

हर साल 5 सितंबर को भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के मौके पर देशभर में शिक्षकों के काम की सराहना की जाती है और उनके योगदान के महत्व को चिह्नित किया जाता है। इस दिन स्कूल और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें छात्र शिक्षकों के साथ विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन, प्रतियोगिताएँ, और भाषण आयोजित करते हैं।

शिक्षक दिवस पर छात्र अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना व्यक्त करते हैं। यह दिन शिक्षकों की भूमिका के महत्व और भावी पीढ़ियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी होता है। शिक्षक दिवस का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने, शिक्षकों के समर्पण और महत्व को स्वीकार करने और शिक्षकों को प्रेरित करना है।

शिक्षक दिवस यह याद दिलाता है कि शिक्षक हमारे समाज के नेता, मार्गदर्शक, और शिक्षा के ख्यालक होते हैं, और हमें उनके सम्मान के प्रति सदैव आभारी रहना चाहिए।

महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था कि उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना उनके लिए गर्व की बात होगी। भारत में पहली बार शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था।

Story Loader