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ठाणे के दिवा में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए 8,500 लोग

ठाणे के दिवा में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए 8,500 लोग आफत की बारिश: छह नावों की मदद से टीडीआरएफ ने चलाया बचाव अभियानबारवीं बांध के 11 में से नौ दरवाजे खोले गए  

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ठाणे के दिवा में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए 8,500 लोग

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ठाणे. ठाणे जिले में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। मूसलाधार बरसात के चलते अनेक इलाकों में पानी भर गया। दिवा में पानी भरने से टीडीआरएफ की दो टुकडिय़ों ने छह बोट की मदद से 8,500 लोगों को बाहर निकाल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बारिश के चलते जिले में स्थित कई नदियों का जलस्तर बढऩे और बारवी जलाशय के नौ दरवाजों को खोले जाने के बाद आस-पास के गांवों में रहने वाले लोगों को सर्तक रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही जिले में सैकड़ों लोग बाढ़ के पानी में फंस गए, जिन्हें स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
शनिवार शाम बारवी जलाशय में पानी का स्तर 71.49 मीटर था जो कुछ ही घंटों में बढ़ कर 72.60 मीटर तक पहुंच गया। जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर ने बारवी और उल्हास नदी के आस-पास बसे गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की चेतावनी शनिवार रात दी थी। जलाशय के पानी का स्तर बढऩे से 11 में से नौ दरवाजे खोल दिए गए।

उफान पर भातसा, कालू और उल्हास नदी
टिटवाला में स्थित कालू नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढऩे से टिटवाला गणपति मंदिर के मुख्य मार्ग पर स्थित साकव पुल पांच से छह फुट तक पानी में डूब गया, जिससे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। पुल के पानी में डूबने से मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इसके चलते नारायण नगर रोड पर स्थित गणेश कृपा चॉल के 25 झोपड़ों में पानी भर गया। इसी तरह सांडोडा रोड परिसर में दो सौ घरों में पानी घुस गया था, जिससे यहां लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। क्षेत्र में स्थित कई इमारतों में भी पानी भर जाने से लोग डर गए। टिटवाला स्थित रेलवे ट्रैक के पानी में डूबने से ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा।

237.78 मिमी बारिश
शहर के विभिन्न इलाकों में पानी भरने से मनपा प्रशासन सुबह से ही राहत व बचाव कार्य में लगा रहा। दोपहर बाद बारिश कमजोर पडऩे पर थोड़ी राहत महसूस की गई। रविवार को शहर में 237.78 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दो दिनों से जारी बरसात के चलते निचले इलाकों में बाढ़ और पानी भरने की घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर, निवासी उप-जिलाधिकारी शिवाजी पाटील, मंत्रालय आपदा निवारण अधिकारी कामत भोर से ही हालात पर नजर रखे हुए थे। जिला प्रशासन के मुताबिक मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसे देखते हुए जिले के सभी स्कूलों में सोमवार को छुट्टी घोषित की गई है।