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हिंदी भाषियों के हाथ हार-जीत की चाबी

लोकसभा चुनाव : उत्तर पश्चिम संसदीय क्षेत्र, गजानन कीर्तिकर और संजय निरुपम के बीच कड़ा मुकाबला
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गजानन कीर्तिकर और संजय निरुपम के बीच कड़ा मुकाबला

गजानन कीर्तिकर और संजय निरुपम के बीच कड़ा मुकाबला

मुंबई. अंधेरी से लेकर गोरेगांव तक फैले उत्तर-पश्चिम मुंबई संसदीय क्षेत्र में कुल 21 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। हर दल के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। यहां राजस्थानी प्रवासियों सहित हिंदी भाषी मतदाताओं का प्रभाव निर्णायक माना जाता है। यहां पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस के संजय निरुपम और शिवसेना के गजानन कीर्तिकर के बीच है। यह तो चुनावी नतीजे के बाद ही पता चलेगा कि कीर्तिकर दूसरी बार जीत दर्ज कर पाएंगे या फिर निरुपम बाजी मारेंगे। कीर्तिकर के साथ भाजपा महायुति की ताकत है तो निरुपम भी कांग्रेस महाआघाड़ी के दम पर ताल ठोंक रहे हैं। इस संसदीय क्षेत्र में राजस्थान के प्रवासियों की संख्या काफी है। जैन समुदाय के अलावा, घांची, चौधरी, पटेल, विश्नोई आदि समाज के लोग यहां रहते हैं। इलाके में कुल मिलाकर नौ लाख के आसपास हिंदी भाषी मतदाता है, जिनमें यूपी, बिहार, राजस्थान आदि के प्रवासी हैं। इस तरह से यहां पर जीत-हार की चाबी हिंदी भाषियों के हाथ है।
हमने मतदाताओं का मूड भांपने का प्रयास किया, तो मिलीजुली राय सामने आई। किसी ने कांग्रेस का तो किसी ने विकास का हवाला देते हुए भाजपा-शिवसेना महायुति की बात की। जोगेश्वरी के रामरतन जायसवाल कहते हैं कि यहां से नेता चुनाव जीत कर जाते हैं, मगर वादे भूल जाते हैं। हमारे लिए विकास बेहद अहम मसला है। इससे समझौता नहीं किया जाना चाहिए। किसी को भला लगे या बुरा, लेकिन जाति-पाति की राजनीति देश हित में बिलकुल ठीक नहीं है। विकास होगा तो कई समस्याएं अपने आप समाप्त हो जाएंगी। ऑटो ड्राइवर अंधेरी निवासी दिनेश शिंदे ने कहा, चुनाव के दौरान नेता हाथ जोड़ कर वोट मांगते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे नजर नहीं आते। वह जनता की समस्याओं को नजर अन्दाज करने लगते हैं। नेताओं के व्यवहार में बदलाव की जरूरत है।
गोरेगांव के दीपक गुप्ता (फल विक्रेता) का कहना है कि शहर में जगह-जगह सड़कें खोद दी जाती हैं, जिससे जनता को असुविधा होती है। काम समय पर पूरा करने के लिए सरकारी विभागों के बीच तालमेल होना चाहिए। जोगेश्वरी निवासी कमर उस्मानी का कहना है कि झोपड़ों को तोड़ कर सरकार ने एसआरए के तहत इमारतें बनाने का काम शुरू किया था, मगर यह काम बिल्कुल कछुए की चाल चल रहा है। कई लोग आंखों में घर का सपना लिए दुनिया से रुखसत हो चुके हैं। सांसद-विधायकों को इस पर ध्यान देना चाहिए।

बड़े सितारे हैं यहां के वोटर
बॉलीवुड के नामचीन सितारे उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट के वोटर हैं। इनमें अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, जीतेंद्र, ऋषि कपूर, रणवीर कपूर, हेमा मालिनी, सोनाक्षी सिन्हा, अनुपम खेर, अजय देवगन, काजोल आदि अभिनेता-अभिनेत्री
शामिल हैं।