
पेट्रोल पंपों पर भीड़
Petrol Diesel Shortage News: भारतीय न्याय संहिता के नए ‘हिट एंड रन' (Hit and Run Law) कानून के विरोध में ट्रांसपोर्ट यूनियन ने हड़ताल बुलाई है। आज इस हड़ताल का दूसरा दिन है। ट्रक चालकों की हड़ताल के पहले दिन सोमवार को देशभर में लाखों ट्रकों के चक्के थम गए। आज से सभी निजी बस चालकों के साथ-साथ ईंधन टैंकर चालक भी हड़ताल पर जाने वाले है। इसलिए राज्य में कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल भराने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। दरअसल लोगों को पेट्रोल-डीजल की कमी की चिंता सता रही है।
ट्रक-टैंकर ड्राइवरों की हड़ताल के कारण इधन का परिवहन बाधित होने की आशंका है। इसलिए लोग अपने वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर लंबी कतारें लगा रहे हैं। छत्रपति संभाजीनगर में एसटी निगम के पास डीजल की सिर्फ दो दिन की सप्लाई बची है। ऐसे में ड्राइवरों की हड़ताल का असर राज्य परिवहन की एसटी बस पर भी पड़ने की संभावना है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र: 80 फीट गहरी खाई में गिरी कार, रातभर नहीं लगी भनक! दो जिगरी दोस्तों की मौत
मुंबई में पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी
इस हड़ताल का असर अब मुंबई में भी देखने को मिल रहा है। पेट्रोल की कमी होने के डर से शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ बढ़ गयी है। कुर्ला स्थित पेट्रोल पंप पर कुछ लोग ड्रमों में ईधन भरवाकर रख रहे है। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप पर तेल की कमी होने से जुड़ा मैसेज मिला है। इसके बाद पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
स्कूलों पर भी असर
नए हिट एंड रन एक्ट के खिलाफ ट्रांसपोर्ट की हड़ताल का असर स्कूली छात्रों पर भी पड़ने वाला है। चूंकि हड़ताल के कारण कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी हो गयी है, इसलिए स्कूल बस मालिकों के यूनियन ने स्कूल बसें बंद करने का फैसला किया है। स्कूल बस मालिकों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण स्कूल बसें सड़क पर नहीं चलेंगी।
ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से हड़ताल के आह्वान के बाद आज सुबह 7 बजे से ही पेट्रोल पंप पर भीड़ देखी जा रही है। नांदेड के कुछ पेट्रोल पंपों पर दो दिनों के लिए पर्याप्त ईंधन बचा है। इसलिए दूसरे दिन भी सुबह से ही पेट्रोल भरवाने के लिए वाहन चालकों की भीड़ देखी जा रही है। नागपुर और नंदूरबार में भी पेट्रोल पंप पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई।
राज्य सरकार ने प्रशासन-पुलिस को दिया आदेश
राज्य में पेट्रोल की कमी होने की चर्चा के बाद सभी जिलों के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ बढ़ गई है। सरकार की ओर से राज्य के सभी कलेक्टरों, पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को एक निर्देश जारी किया गया है। सरकार ने नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए तत्काल उपाय करने का निर्देश दिया है। साथ ही तेल कंपनियों को आवश्यक सहयोग देने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि हड़ताल में शामिल ट्रांसपोर्टर के विरोध के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे और कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो।
क्यों हो रहा विरोध?
नए मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ट्रक से घायल हो जाता है, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए और ऐसा न करने पर दोषी पाए जाने पर ट्रक चालक को सात साल की कैद और सात लाख रुपये जुर्माने की सजा होगी। भारत में 28 लाख से अधिक ट्रक ड्राइवर 100 अरब किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। इन ट्रकों से 50 लाख से ज्यादा लोगों का सीधे रोजगार जुड़ा हैं। देशभर में ट्रकों से होने वाली सड़क दुर्घटनाएं की संख्या बहुत अधिक हैं। इसीलिए सरकार नया कानून लेकर आई है। पुराने कानून में हिट-ऐंड-रन के लिए 2-साल जेल का प्रावधान था।
Published on:
02 Jan 2024 01:06 pm
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