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शिवसेना के बागी विधायकों की अयोग्यता पर फैसले के बाद EC सुनाये अपना निर्णय, उद्धव ठाकरे ने की अपील

Uddhav Thackeray Vs Eknath Shinde: उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे खेमें के असली शिवसेना होने के दावों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि सिर्फ अधिक विधायक और सांसद साथ होने से कोई पार्टी कहीं चली नहीं जाती है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 08, 2023

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उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर साधा निशाना

Maharashtra Politics: शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग से अपील की कि वह शिवसेना के बागी विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले पर फैसला आने के बाद ही कोई निर्णय सुनाये। बुधवार दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग को पार्टी के 'धनुष और बाण' चुनाव चिन्ह पर अपना निर्णय देने से पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

उद्धव ठाकरे ने कानून पर विश्वास जताते हुए फैसला अपने हक में आने का दावा किया है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, हमें पूरा विश्वास है कि 14 फरवरी को शीर्ष अदालत मामले की अगली सुनवाई में 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर देगा। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम और उसके चिह्न ‘धनुष-बाण’ पर रोक क्यों लगाई, जबकि प्रतिद्वंद्वी शिंदे गुट ने अभी तक इसका इस्तेमाल ही नहीं किया है। इस दौरान ठाकरे के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई, अनिल देसाई और अन्य भी मौजूद थे। यह भी पढ़े-शिंदे-फडणवीस का पावर शो आदित्य ठाकरे के 'गढ़' वर्ली में क्यों हो गई फ्लॉप?

ठाकरे ने कहा कि केवल एक ही शिवसेना है और वह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बालासाहेबंची शिवसेना (बीएसएस) के किसी अन्य गुट को नहीं पहचानते हैं। उन्होंने शिंदे को 'देशद्रोही' के तौर पर बताया और शिंदे गुट पर कटाक्ष किया।

उन्होंने शिंदे खेमें के असली शिवसेना होने के दावों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि सिर्फ अधिक विधायक और सांसद साथ होने से कोई पार्टी कहीं चली नहीं जाती है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर ऐसा होता तो उद्योगपतियों समेत धनबल वाला कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बन सकता था। ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट से शिवसेना मामले में जल्द फैसला सुनाने का आग्रह किया। बता दें कि शिवसेना के बागी विधायकों की अयोग्यता संबंधी मामले पर सुप्रीम कोर्ट 14 फरवरी से दैनिक आधार पर सुनवाई शुरू करेगी।

गौरतलब हो कि जून 2022 में एकनाथ शिंदे और उनके सहयोगी विधायकों ने बगावत कर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। एमवीए में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकपा) शामिल थी।

बाद में एकनाथ शिंदे ने बागी विधायकों और बीजेपी के समर्थन से महाराष्ट्र में नई सरकार बनाई। उसके बाद शिंदे समूह ने शिवसेना पर दावा ठोका और खुद को असली शिवसेना बताते हुए चुनाव आयोग और देश की शीर्ष कोर्ट में क़ानूनी लड़ाई शुरू की। इस बीच, चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को नया नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किया।