
Maha FASTag: बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर अब फर्राटा भरेंगे वाहन, लागू हुआ यह सिस्टम ?
मुंबई. मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक पुल यानी राजीव गांधी मरीन ब्रिज में शुक्रवार से फासटैग सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस तरह से फासटैग सिस्टम लागू होने वाला मुंबई का पहला ब्रिज बन गया है, यह जानकारी महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम ने दी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को राज्य भर में फासटैग प्रणाली के लिए चौराहे पर बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को एक नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है। इसके तहत शुक्रवार को मुंबई के राजीव गांधी मरीन ब्रिज पर फासटैग सिस्टम शुरू किया गया। मरीन ब्रिज के सड़क पुल पर कुल 16 लेन हैं। जल्द ही छह अन्य लेन को भी फासटैग सिस्टम में बदल दिए जाएंगे, जबकि शेष चार लेन नकद भुगतान के लिए आरक्षित हैं। वहीं प्रबंध निदेशक विजय वाघमारे की मानें तो इस तेज-तर्रार सिस्टम के माध्यम से अब वाहनों को टोल नाकों पर कतार में रोकने से निजात मिलेगी। वहीं वाघमारे ने आगे कहा कि इस प्रणाली को अन्य मुंबई नाकों पर भी लागू करने का काम चल रहा है।
जस की तस ररेगी पास धारकों की व्यवस्था...
फासटैग खरीदने के लिए वाहनों चालकों को पैदल चलने वाली रोड पर प्रदान किया गया है। आईडीएफ बैंक की ओर से सड़क के किनारे फासटैक खरीदने की स्थापित की गई है और वाहन मालिक इस स्थान से फासटैग खरीद सकते हैं। वहीं बांद्रा-वर्ली सी लिंक के मासिक पास धारकों के पास का उपयोग सामान्य व्यवहार के साथ उनकी वैधता समाप्त होने तक किया जाएगा, जबकि फासटैग सिस्टम किसी भी तरह से इसे प्रभावित नहीं करेगा। वहीं भविष्य में सभी मासिक पास सुविधाएं भी फासटैग के माध्यम से की जाएंगी। इसके लिए मासिक पास धारकों को एमईपी कंपनी के माध्यम से मार्च 2020 तक फासटैग प्रणाली में बदलने की अनुमति है।
Published on:
28 Jan 2020 10:54 am
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