
Reliance VP accident
मुंबई। एक सड़क दुर्घटना मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई रिलायंस की VP तथा कॉर्पोरेट लॉयर जान्हवी गडकर ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि घटना के समय वह नशे की हालत में थी और उस समय उसने व्हिस्की का नशा किया हुआ था। उसने बताया कि आम तौर पर वह बीयर पीने की आदी है परन्तु उसने मजा लेने के लिए उस दिन पहली बार व्हिस्की पी थी।
उल्लेखनीय है कि जान्हवी ने नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए एक टैक्सी को टक्कर मार दी, जिससे टैक्सी में सवार दो लोगों की मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार जान्हवी ने दो दिन पहले भी गोवंडी में बाइक पर सवार बीएआरसी के दो सिक्युरिटी गार्ड्स को टक्कर मारी थी, हालांकि दोनों को कोई खास चोट नहीं लगी थी।
पुलिस ने बताया कि वह 6 पेग व्हिस्की पीने के बाद रॉन्ग साइड में अपनी ऑडी कार ड्राइव कर रही थी। हादसे के वक्त उनकी हालत इतनी खराब थी कि वह थाने ले जाने पर सो गई। जान्हवी ने पुलिस को पैसे देकर मामला रफा-दफा कराने की भी कोशिश की।
छह घंटे बाद दर्ज हुआ था बयान
घटना के समय जॉन्हवी बहुत ज्यादा नशे में होने के कारण थाने में सो गई। इस वजह से पुलिस उनका बयान 6 घंटे बाद दर्ज कर पाई। मौके पर मौजूद चश्मदीद गवाहों ने भी जान्हवी को पहचान लिया और कहा कि वह लोगों को पैसा देकर वहां से भागना चाहती थी।
बयान के अनुसार वह अपनी एक सहकर्मी के साथ डिनर के बाद चेंबूर स्थित अपने घर लौट रही थी। उनके दोस्तों ने उन्हें ड्रिंक के बाद गाड़ी चलाने के लिए मना भी किया था परन्तु वह नहीं मानी। वह नशे की हालत में रास्ता भी नहीं पहचान पा रही थी। जान्हवी ने दुर्घटना से पहले 11 किलोमीटर तक रॉन्ग साइड में कार ड्राइव की। इस दौरान वह दो स्विफ्ट कारों से भी टकराते टकराते बची थी।
पुलिस ने दर्ज किया गैर इरादतन हत्या का मामला
घटना के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 302, 279, 337, 338, 427 और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो पुलिस को सौंपा है, जिसकी जांच चल रही है।
दो दिन पहले भी किया था एक्सीडेंट
टैक्सी को टक्कर मारने के बाद जब पुलिस जान्हवी को अस्पताल लेकर गई तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने कहा कि यह महिला दो दिन पहले भी इसी तरह एक्सीडेंट करके आई थी। हालांकि तब घटना के शिकार गार्डस ने शिकायत लिखाने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था केवल बाइक थोड़ी बहुत डैमेज हुई है तो सही हो सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ''दो दिन पहले जान्हवी ने मोटर साइकिल पर जा रहे दो गार्ड्स को टक्कर मारने के बाद उन्हें खुद हॉस्पिटल लेकर गई थी। उन्हें ज्यादा चोट नहीं लगी थी। गार्ड्स ने केवल अपनी बाइक डैमेज होने की बात कही थी और केस रफा-दफा हो गया था।''
डीसीपी निशानडकर ने कहा, ''वह एक छोटी घटना थी। घटना के बाद उसने पीड़ितों की मदद भी की थी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी पहुंचाया था। घटना छोटी थी इसलिए गोवंडी पुलिस स्टेशन ने इसे रिकॉर्ड में नहीं दर्ज किया था।'' हालांकि अन्य पुलिस अफसरों ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि उस घटना के समय कार्यवाही की गई होती तो आज दो जानें बचाई जा सकती थी।
Published on:
11 Jun 2015 01:32 pm
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