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कंपनियोंं में शीर्ष पर महिलाएं… मुनाफे की ज्यादा संभावनाएं!

पुरुषों की अपेक्षा महिला सीईओ (Women CEO) 45 फीसदी तक कम वेतन पर करती हैं समझौता- 47.7 फीसदी है वैश्विक कार्यबल (Work Force) में महिलाओं (Women) की हिस्सेदारी- 61.3 फीसदी कनाडा में सबसे अधिक महिला श्रम शक्ति की भागीदारी- 45 फीसदी तक महिलाओं के साथ लैंगिक भेदभाव कर कम सेलरी दी जाती है

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मुंबई

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arun Kumar

Mar 31, 2022

कंपनियोंं में शीर्ष पर महिलाएं... मुनाफे की ज्यादा संभावनाएं!

कंपनियोंं में शीर्ष पर महिलाएं... मुनाफे की ज्यादा संभावनाएं!

अरुण कुमार
जयपुर. घर-परिवार से लेकर देश की संसद तक महिला-पुरुष समानता की बातें होती हैं लेकिन महिलाएं (Women) पुरुषों से कोसों पीछे दिखती हैं। देश मेंं महिला-पुरुष लिंगानुपात तो सुधर गया लेकिन सरकारी नौकरी से लेकर बड़ी कंपनियों और संस्थानों में महिलाओं की वर्कफोर्स हिस्सेदारी बेहद कम है। उन्हें पुरुषों के बराबर काम करने पर भी सेलरी कम मिलती है। तमाम महिला सीईओ को शिकायत है कि पुरुषों की अपेक्षा उन्हें 45 प्रतिशत तक कम वेतन से समझौता करना पड़ता है। फॉच्र्यून ग्लोबल सूची के अनुसार 500 कंपनियों मेंं मात्र 13 महिलाएं (2.6 फीसदी) कंपनियों की सीईओ हैं। देश-दुनिया की बड़ी कंपनियों के बोर्ड में महिला सदस्यों की संख्या में भी बड़ी असमानता है। हाल ही में इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्प (आईएफसी) के अध्ययन के मुताबिक तमाम बड़ी कंपनियों को इस असमानता से करोड़ों डॉलर का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह बात साफ तौर पर समझ नहीं आती है। अध्ययन में दक्षिण पूर्व एशिया और चीन की ऐसी कंपिनयां जिनके बोर्ड में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 30 फीसदी से अधिक या कंपनी की सीईओ/एमडी महिलाएं हैं उन कंपनियों की इक्विटी पर रिटर्न 6.2 फीसदी रहा जबकि पुरुष प्रतिनिधित्व वाले बोर्ड का रिटर्न 4.2 फीसदी रहा। इस अध्यन में चीन, इंडोनेशिया फिलीपीन्स, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम की 1,000 कंपनियों को शामिल किया गया था। आईएफसी के रीजनल डायरेक्टर विवेक पाठक ने बताया कि शोध में एक बात खास आई कि महिलाएं घर की तरह मुश्किल समय में कंपनी को भी संभालती हैं, जो उनका स्वाभाविक गुण भी होता है। हालांकि पुरुषों में यह बात हमेशा नहीं देखी गई।

भारतीय कंपनियों के बोर्ड में कम महिलाएं
क्रेडिट सुइस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार बड़ी भारतीय कंपनियों के बोर्ड में महिला प्रतिनिधित्व 2015 में 11.4 प्रतिशत से बढ़कर 2021 में 17.3 प्रतिशत हो गया है। यह 24 प्रतिशत के वैश्विक औसत से अभी कम है। दुनिया में यूरोपीय देशों की कंपनियों के बोर्ड में महिला निदेशक सबसे ज्यादा हैं। फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे और दक्षिण कोरिया ने सार्वजनिक कंपनियों के बोर्ड में महिलाओं के लिए कोटा लागू किया है।

देश में 55 फीसदी बढ़ीं महिला सीईओ
भारतीय कंपनियो में 2017 से 2022 के बीच महिला सीईओ की संख्या 55 फीसदी वृद्धि के 7 फीसदी से बढ़कर 10.8 फीसदी हो गई है। इस मामले में भारत दुनिया में 7वें स्थान पर है। स्वीडन मेंं सबसे ज्यादा 21 प्रतिशत महिला सीईओ हैं। इसके बाद 17 फीसदी के साथ वियतनाम दूसरे, 16.3 प्रतिशत के साथ सिंगापुर तीसरे तो थाईलैंड 16.1 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।

प्रबंधन में भारतीय महिलाएं पीछे
दुनिया में प्रबंधन पदों पर 38 प्रतिशत महिलाएं हैं। प्रबंधन में महिलाओं के उच्चतम प्रतिशत वाले शीर्ष 10 देशों में पांच एशिया-प्रशांत से हैं। वियतनाम 34 प्रतिशत, फिलीपींस 31 प्रतिशत, थाईलैंड 29 प्रतिशत के साथ पहले तीन स्थान पर हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया/न्यूजीलैंड और सिंगापुर 27 फीसदी के करीब हैं। जबकि भारत 10 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया 8 प्रतिशत और जापान 7 प्रतिशत के साथ नीचे के तीन पदों पर हैं।

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