26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

international yoga day : सूटकेश में बंद होकर बाहर निकल जाते हैं बालू कुमावत

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष राजस्थानी समाज के व्यक्ति की बड़ी उपलब्धि, किसी भी रूप में मोड़ सकता है अपना लचीला शरीर रबर मैन नाम से दर्ज हुआ है लिम्का बुक में नाम

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Binod Pandey

Jun 21, 2019

patrika

international yoga day : सूटकेश में बंद होकर बाहर निकल जाते हैं बालू कुमावत

एन. रमेश
उल्हासनगर. हर इंसान को ईश्वर ने किसी न किसी विलक्षण प्रतिभा से नवाजा है। कोई अपनी योग्यता से गायक बनता है तो कोई अभिनेता, कोई अपने व्यवसाय में पारंगत होता है, तो कोई अर्थशास्त्र में माहिर होता है। उल्हासनगर में रहनेवाले बालू कुमावत को प्रभू ने ऐसा लचीला शरीर बख्शा है कि वह अपने शरीर को मोड़ते हुए सूटकेस में समां जाते हैं, या फिर बैडमिंटन खेलने वाले रैकेट के गोल हिस्से का नेट तोड़कर उस महीन से गोल दायरे में अपने पूरे शरीर को डाल देते हंै। ऐसे अद्भुत कई कार्य हैं जो वह एक मिनट के अंदर कर लेते हंै। इसी कारण उसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल किया गया है।
जोधपुर के मूल निवासी रुकमादेवी और हीरालाल रावजी कुमावत के मध्यम वर्गीय परिवार में जन्में बालू कुमावत को अपनी इस विलक्षण प्रितभा का ज्ञान अपनी उम्र के सात साल में हुआ जब वह कैंप चार में भारत नगर के महाराणा प्रताप चौक पर स्थित तक्षशिला विधायल में पढ़ाई कर रहे थे। जब छात्रों से सूर्य नमस्कार करवाया जाता तो बालू सबसे पहले पूरा कर लेता। धीरे-धीरे उसने अपने हाथों को पीठ के पीछे मोडऩा शुरू किया। हाथ पीछे मोड़कर वह नमस्कार की मुद्रा में आ जाता था। बाद में उसने व्यायाम सीखा और शरीर को और लचीला बनाया। सुभाष टेकड़ी कांसाई रोड उल्हासनगर कैंप चार में रहनेवाले बालू ने स्कूल में 10वीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद छोटो मोटे शो में हिस्सा लेने लगा। विभिन्न बॉलीवुड कलाकारों के कार्यक्रमों में उसे अपनी अद्भुत कला को दिखाने के लिए आमंत्रित किया जाता।


कई कलाओं में हैं पारंगत
इनकी खास कलाओं में पानी से भरे गिलास को हाथों में लेकर पीठ तक घुमाना, एक मिनट के अंदर सूटकेस खोलकर अंदर चले जाना और फिर बाहर निकलना, रैकेट के गोल दायरे में सर से पांव तक चले जाना और कुर्सी को दांतों में पकड़कर उसपर बच्चे को बिठाना और आगे से पीठ पीछे ले जाकर वापस लाना आदि शामिल हैं। सन 2004 में लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में उसका नाम शामिल किया गया। उसने अपनी योग्यता विश्व तक लाने के लिए गिनीस बुक के लिए भी आवेदन किया है। 39 वर्षीय बालू कुमावत अभी भी 25 साल से ज्यादा उम्र का नहीं लगता। वह अब एक हॉरर फिल्म में अभिनय कर रहा है।