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अंचल में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई होली

रंगों का पर्व: विधि-विधान से किया गया होलिका दहन

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Holi celebrated with joy

अंचल में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई होली

मुंगेली. फिजाओं में घुला अबीर-गुलाल, चेहरे पर निखरी रंगों की रंगत, क्या अपना और क्या पराया, रंगों के त्योहार होली पर सभी एक नजर आए। लोगों ने एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाया और गले मिलकर शुभकामनाएं दीं। शहर से लेकर गांवों तक जगह-जगह होलिका दहन के बाद होली को मनाने में लोगों का उत्साह रहा।
पूरे नगर में घूम-घूमकर बच्चों एवं युवाओं की टोली ने मित्रों, परिचितों को रंग गुलाल से सराबोर कर दिया। होली को लेकर बच्चों में गजब का उत्साह दिखा। बच्चे रंग-गुलाल की थैली लेकर सुबह से ही आसपास के परिचितों के संग रंग लगाकर होली का आनंद लेते रहे। शहर के हर चौक-चौराहों पर रंगे-पुते युवाओं का हुजूम होली की मस्ती में सुबह से दोपहर एक बजे तक डटा रहा। उधर हुड़दंगी त्योहार का मजा किरकिरा न करें, इसलिए पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी पूरे दिन नगर में घूमकर हुड़दंगियों पर नजर रखते रही। मगर मारपीट या हुडदंगी को घटना की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने होली के दो दिन पहले से ही शराब पीकर वाहन चलाने, बाइक पर तीन सवारी चलने और मुखौटा पहनकर चलने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद भी नशे की हालत में बाइक चलाकर घायल होने वालों की संख्या दर्जन से पार रही। नगर के शिक्षा संस्थानों बचपन एकेडमी, ओषन तथा जेसीज पब्लिक स्कूल में भी होली के एक दिन पूर्व विद्यार्थियों व स्टाफ ने शाला परिसर में जमकर होली का आनंद उठाया। सिटी कोतवाली पुलिस थाना परिसर पर होली के दूसरे दिन पुलिस वालों की होली रही। पुलिस वाले पत्रकारों व आम जनों के साथ डीजे के धुन में नागिन डांस, भांगड़ा, रंग बरसे जैसे अनेक गानों के साथ में थाना प्रभारी एल पी पटेल, आशीष अरोरा व के एंन आदित्य के साथ होली के रंग में झूमते नजर आए।
होली पर लोगों में दिखा उत्साह
खैरा सेतगंगा. आसपास के सभी गांवों में होली हर्षोल्लास और शांति पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस वर्ष आम से लेकर खास और बच्चों से लेकर बुजुर्गों एवं युवतियों और महिलाओं मे अत्यन्त ही उत्साह नजर आया। गांव गांव मे उत्साह एवं पूर्ण भक्ति भाव के साथ शुभ मुहुर्त में होलिका दहन किया गया। हफ्तों पहले त्योहार की खुमारी छा जाती थी, जो रंग पंचमी के दो चार दिनों तक रहती है। पहले समय में लोग रात रात भर नगाड़ों की धुन पर मस्त होकर थिरकते थे। साथ ही क्षेत्र के अनेकों गांवों में मुंगेली, कवर्धा, तखतपुर व, बिलासपुर से लेकर दिल्ली व कानपुर आदि स्थानों से लोग नाचने वालियों को लाकर फाग के साथ नाच गाना करते थे। किंतु अब यह प्रथा बंद है। पहले इस त्योहार पर हमेशा लड़ाई झगड़ो का अंदेशा बना रहता था, किंतु समय के साथ इसका भी स्वरूप बदल गया। पुलिस विभाग की सक्रियता से होली पर्व पर इस बार शांति रही। मगर गांवों मे शराब अवैध रूप से मिलती रही। लोगों ने अवसर का लाभ उठाया और मनमाने दर से शराब बिक्री की।