
सट्टा खाईवाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज (photo source- Patrika)
CG Satta Case: मुंगेली जिला सत्र न्यायालय ने फरार बुकी योगेंद्र शर्मा उर्फ "किंग लाला" को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उसकी एंटीसिपेटरी बेल अर्जी खारिज कर दी है। चिल्फी पुलिस स्टेशन में दर्ज केस की सुनवाई करते हुए जज गिरजा देवी मेराव ने आरोपी के क्रिमिनल रिकॉर्ड और ऑर्गनाइज्ड क्राइम में कथित तौर पर शामिल होने को गंभीर बताते हुए राहत देने से मना कर दिया।
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रजनीकांत सिंह ठाकुर ने इस केस में सरकार की तरफ से असरदार तरीके से पैरवी की। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले भी आरोपी की बेल अर्जी खारिज करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोर्ट के इस ऑर्डर के बाद, पुलिस को योगेंद्र शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए कानूनी कार्रवाई करने की पूरी आजादी दे दी गई है।
प्रकरण की शुरुआत 2 नवम्बर 2025 को हुई थी, जब थाना चिल्फी पुलिस ने ग्राम रैतरा खुर्द स्थित हनुमान मंदिर के पास छापा मारा। कार्रवाई के दौरान संजय साहू को मोबाइल और कागज के जरिए लोगों से सट्टा पट्टी लिखाते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से 75,700 रुपये नकद, सट्टा से जुड़े दस्तावेज, एक डॉट पेन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि व्हाट्सएप के माध्यम से सट्टा संचालन किया जा रहा था। आरोपी संजय साहू के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया।
CG Satta Case: पूछताछ में संजय साहू ने खुलासा किया कि सट्टा से मिलने वाली रकम का 7 प्रतिशत कमीशन वह योगेंद्र शर्मा उर्फ ‘किंग लाला’ को देता था। पुलिस को लगातार अपराध की पुनरावृत्ति और वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिले, जिसके आधार पर प्रकरण को संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया। अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी तेज करने की तैयारी में जुट गई है।
Updated on:
19 Feb 2026 05:54 pm
Published on:
19 Feb 2026 05:53 pm
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