
सर्वमंगल कामना के साथ महामाया के दरबार में प्रज्जवलित किए ज्योति कलश
रतनपुर. शारदीय नवरात्र पर इस वर्ष मां महामाया मंदिर में सर्वाधिक ३१ हजार मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं। यह एक विश्व रिकॉर्ड है।
शारदीय नवरात्र बुधवार से शुरू हो गया। बुधवार की सुबह घट स्थापना उपरांत महामाया मंदिर, लखनी देवी, भैरव बाबा मंदिर, श्वीमंगला गौरी मंदिर सहित नगर के अन्य मंदिरों में आचार्यों द्वारा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। सिद्ध शक्ती पीठ मां महामाया देवी मंदिर में इस वर्ष रिकार्ड ३१ हजार मनोकामना ज्योति कलश भक्तों ने प्रज्वलित कराए हैं। मंदिर ट्रस्टी सुनिल सोंथलिया ने बताया कि य अब तक का सर्वाधिक ज्योति कलश है। नवरात्र में चार हजार घी के, तेरह सौ आजीवन तथा पच्चीस हजार सात सौ तेल के ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। श्वी भैरव बाबा मंदिर में एक हजार इक्यावन, रतनपुर बेलगहना मार्ग स्थित ग्राम पोड़ी में श्वीमंगला गौरी मंदिर में भी दीप जलाए गए। क्षीणमुखी हनुमान मंदिर में तीन सौ इक्यावन घी व तेल के और माता मरही रानी, लखनी देवी, कोसगाई माता मंदिर, रानी मंदिर, शटवाई मंदिर सहित अनेक मंदिरों में भक्तों ने मनोकामना के अनुरूप ज्योति कलश दीप प्रज्वलित कराए हैं।
घरों में भी घट स्थापना-तखतपुर. शारदीय नवरात्रि पर्व आरंभ होते ही नगर सहित ग्रामीण अंचल के मंदिरों में नौ दिवसीय अनुष्ठान कार्य प्रारंभ हो गया। शुभ मुहुर्त में घट व ज्योति कलश की स्थापना की गई। शरद नवरात्रि को लेकर शक्तिपीठों व मंिदरों में साफ सफाई एवं रोशनी की व्यवस्था की गई है।
पहले ही दिन बुधवार की सुबह से मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगना शुरू हो गया। नगर में महामाया मंदिर, चण्डी मंदिर, पाठ बाबा, बरेला महामाया, हथनी दुर्गा मंदिर, जरौंधा दुर्गा मंदिर, गिरधौना, ढऩढऩ, शीतला मंदिर देवांगन पारा, बहुरता सहित नगर एवं क्षेत्र के सभी देवी मंदिरों में नौ दिनों तक देवी भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ेगी। नवरात्रि पर मंदिरों के साथ घरों में भी कुछ लोग घट स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं ने उपवास रखकर माता की भक्ति में लीन रहे। माना जाता है कि मां की आराधना से आसुरी शक्तियों का विनाश होता है। नगर के महामया मंदिर में कुल 735 जिसमें तेल 669 ज्योति कलश घृत 66 ज्योति जलाया गया है। पाट बाबा में 230 तेल व घृृत 20 ज्योति कलश, चण्डी मंदिर में कुल 470, जिसमें तेल 347 घृत 41, 86 लागातार जल रहे हैं। विजयपुर किला में 80 घृत, तेल 611 ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं। नगर के दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा पंडालों में देर रात तक मॉ की प्रतिमा की स्थापना वैदिक मंत्रोउच्चारण के साथ की गई। तद्उपरान्त प्रथम माता शैलपुत्री की विशेष पूजा की गई। मां महामाया मंदिर तखतपुर में यजमान संगीता बजरंग गुप्ता, अध्यक्ष जितेन्द्र पाण्डेय, उपाध्यक्ष जितेन्द्र शुक्ला, दिलीप तोलानी, श्रीकांत मिश्रा, राजू ठाकुर, तिलक ताम्रकार उपस्थित रहे।
गरबा की तैयारियों में जुटे नगर के युवा-मुंगेली. देव सोशल वेलफेयर सोसायटी और अल्फा पब्लिक एंड राइजिंग स्टार किड्स के तत्वावधान में रास गरबा नाइट्स 2018 का आयोजन किया जा रहा है। रास गरबा नाइट्स में हिस्सा लेने के लिए नगर के युवाओ में विशेष क्रेज देखने को मिल रहा है। एक सप्ताह तक चले गरबा प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं ने खूब पसीना बहाया। बुधवार को प्रशिक्षण का समापन हुआ। होटल सिंह इंटरनेशनल के वेन्यू में तकरीबन 500 प्रतिभागियों ने प्रतिदिन विभिन्न गीतों पर थिरकना सीखते रहे। आयोजन समिति के प्रमुख हिमेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि गरबा प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सेंट जेवियर स्कूल मैदान में 15 से 18 अक्टूबर तक गरबा नाइट्स का आयोजन किया गया है। पहले दिन फ्री स्टाइल थीम होगा, १६ को छत्तीसगढिय़ा, उडिय़ा व कश्मीरी परिधान, 17 को राजस्थानी, पंजाबी व मराठी और अंतिम दिन गुजराती और बंगाली थीम पर डांडिया खेली जाएगी।
Published on:
11 Oct 2018 11:16 am
बड़ी खबरें
View Allमुंगेली
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
